लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPCDA) में प्रबंधक विद्युत यांत्रिक के पद पर तैनात हेमेंद्र प्रताप सिंह को नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ गया। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता (Industrial Development Minister Nand Gopal Gupta) ने प्रबंधक विद्युत यांत्रिक हेमेंद्र प्रताप सिंह (Manager Electrical Mechanical Hemendra Pratap Singh) की बर्खास्तगी के प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान किया।
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ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से हेमेंद्र प्रताप सिंह (Hemendra Pratap Singh) का यूपीसीडा (UPCDA) में स्थानांतरण आदेश जारी किया गया था। औद्योगिक विकास विभाग ने उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया गया। लेकिन, यूपीसीडा (UPCDA) में तत्काल कार्यभार सम्भालने के बजाय प्रबंधक विद्युत यांत्रिक हेमेंद्र प्रताप सिंह (Hemendra Pratap Singh) दिनांक अनुपस्थित रहे।
अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, चिकित्सा अवकाश हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत न करने, पर्याप्त आधार एवं संतोषप्रद स्पष्टीकरण के बिना अवकाश स्वीकृत कराए बगैर सेवा से विरत रहने के आरोप लगाए गए थे। साथ ही उन्हें उच्चादेशों की प्रत्यक्ष अवहेलना का भी दोषी पाया गया था।
आरोपों के सम्बंध में एसीईओ (ACEO) द्वारा जांच की गई। एसीईओ यूपीसीडा (ACEO UPCDA) की जांच आख्या में भी प्रबंधक हेमेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध पाए गए। जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी (Industrial Development Minister Nand Gopal Gupta ) द्वारा प्रबंधक विद्युत-यांत्रिक हेमेंद्र प्रताप सिंह के विरूद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील 1999) नियम के अंतर्गत सेवा समाप्ति के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया।