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मंत्रीगण सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या फिर सार्वजनिक परिवहन का करें उपयोग: सीएम योगी

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मंत्रिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और उत्तरदायी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने हेतु महत्वपूर्ण निर्देश दिए। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई अपील के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है।

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इसके साथ ही उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल स्वयं आदर्श प्रस्तुत करे और मंत्रीगण सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा अन्य सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। वाहन फ्लीट में 50 प्रतिशत तक कटौती, अगले छह माह तक विदेश यात्राओं से परहेज तथा शासन में डिजिटल और हाइब्रिड कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक अनुशासित, संवेदनशील और जवाबदेह होनी चाहिए। उन्होंने सचिवालय एवं निदेशालयों में एयरकंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने, प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग तथा आवश्यकता-आधारित विद्युत उपभोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही, सार्वजनिक परिवहन, रेल यात्रा, कारपूलिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के साथ अंतरजनपदीय बैठकों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिकाधिक हाइब्रिड मोड में आयोजित किए जाने पर बल दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, पीएनजी उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान भी किया।

मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल बैठक में स्थानीय उत्पादों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने एलपीजी के स्थान पर पीएनजी उपयोग और आयातित वस्तुओं के न्यूनतम उपयोग पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी-विवाह एवं सामाजिक आयोजनों में घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दी जाए तथा उत्तर प्रदेश में निर्मित उत्पादों का उपहार या भेंट में उपयोग किया जाए।

 

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