Mumbai, : मुंबई के मीरा रोड स्थित नया नगर इलाके में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस मामले की जांच अब एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने अपने हाथ में ले ली है। शुरुआती जांच में इसे संभावित “लोन वुल्फ” आतंकी हमले के तौर पर देखा जा रहा है। आरोपी की पहचान 31 वर्षीय जैब जुबेर अंसारी के रूप में हुई है, जिसने ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्डों को निशाना बनाया। चश्मदीदों के अनुसार, आरोपी पहले वहां पहुंचा और गार्डों से रास्ता पूछा। कुछ देर बाद वह वापस लौटा और दोनों से उनका धर्म पूछने लगा।
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आरोप है कि उसने एक गार्ड को इस्लामिक कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया। जब गार्ड ऐसा नहीं कर पाया, तो आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। घायल गार्डों की पहचान राजकुमार मिश्रा और सुब्रोतो सेन के रूप में हुई है, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है। घटना वोकहार्ट अस्पताल के पीछे स्थित एक निर्माणाधीन इमारत में हुई, जहां दोनों गार्ड सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। हमले के बाद नया नगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से करीब डेढ़ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची, तो तलाशी के दौरान कई हाथ से लिखे नोट बरामद हुए। सूत्रों के मुताबिक, इन नोट्स में उसने ISIS में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। इतना ही नहीं, उसने इस हमले को किसी आतंकी संगठन में शामिल होने की दिशा में अपना पहला कदम भी बताया था। जांच में यह भी सामने आया कि जैब जुबेर अंसारी मुंबई के कुर्ला इलाके का रहने वाला है। वह साइंस ग्रेजुएट है और 2010 से 2019 तक अमेरिका में रह चुका है। नौकरी न मिलने के कारण वह भारत लौट आया और मीरा रोड में अकेले रहकर ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था।
एजेंसियों को शक है कि अकेले रहने के दौरान वह इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ। अब उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी आतंकी नेटवर्क या सीमा पार बैठे किसी हैंडलर के सीधे संपर्क में था या नहीं। फिलहाल ठाणे ATS और नया नगर पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं