Nag Panchami 2024 : इस वर्ष सावन मास की 22 जुलाई से चल रहा है। सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन नाग पंचमी मनाई जाती है। इस बार सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 09 अगस्त दिन शुक्रवार को है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन नाग देवता की उपासना करने का विधान है और ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो इसका निदान भी इस दिन पूजा के साथ किए गए कुछ उपायों से किया जा सकता है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प दोष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगो की कुंडली में कालसर्प दोष होता है उनको जीवन में अनेक तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति का जीवन आर्थिक ,मानसिक और शारीरिक परेशानियों से घिरा रहता है और उन्हें पूरे जीवन घोर संघर्ष करना पड़ता है।
नाग पंचमी पर सांपों की होती है पूजा
नाग पंचमी की शुभ अवसर पर अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वंतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिङ्गल नाग की पूजा का विधान है। इस विशेष दिन पर नाग को दूध पिलाया जाता है, इसके अलावा नाग देवता को दूध और धान का लावा चढ़ाने का विशेष महत्व है।
नाग देवता की उपासना
नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने पर जीवन में कई तरह के ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार, जिन जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है, उन्हें नाग पंचमी के दिन नाग देवता की उपासना करने से विशेष फल मिलता है और दोष का अशुभ प्रभाव कम हो जाता और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।