भारत-नेपाल सीमा पर निजी सामान लाने की सीमा बढ़ी, व्यापार मंडल ने 2000 भारतीय रुपये तक छूट की मांग उठाई
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पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: नेपाल सरकार ने भारत-नेपाल सीमा से आने-जाने वाले यात्रियों को निजी उपयोग की वस्तुओं पर मिलने वाली भन्सार (सीमा शुल्क) छूट की सीमा 100 नेपाली रुपये से बढ़ाकर 500 नेपाली रुपये कर दी है। नेपाल के वित्त मंत्रालय की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार अब स्थल मार्ग से आने वाले यात्री 500 नेपाली रुपये तक मूल्य की निजी वस्तुएं बिना शुल्क के नेपाल ले जा सकेंगे।
हालांकि इस फैसले से सीमावर्ती व्यापारियों को अपेक्षित राहत नहीं मिली है। सोनौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कहा कि 500 नेपाली रुपये की सीमा भारतीय मुद्रा में लगभग 312 रुपये के बराबर है, जो सीमावर्ती व्यापार की जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रतिबंधात्मक नियमों से भारतीय सीमा बाजारों का कारोबार प्रभावित होगा और हजारों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले नेपाल सरकार ने 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान के आयात पर कड़ा प्रतिबंध लगाया था, जिसके बाद सीमा क्षेत्रों में व्यापक विरोध हुआ था और मामला नेपाल संसद तक पहुंचा था। विरोध के बाद नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने छूट सीमा बढ़ाने का आश्वासन दिया था।
नई व्यवस्था में भारत में अध्ययनरत नेपाली विद्यार्थियों को पहले की तरह राहत देते हुए उनके द्वारा नेपाल लाए जाने वाले टैबलेट और लैपटॉप पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगाने का प्रावधान बरकरार रखा गया है।
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बेलहिया कस्टम कार्यालय के प्रमुख हरिहर पोडेल ने नए नियम की पुष्टि करते हुए बताया कि अब 100 नेपाली रुपये के स्थान पर 500 नेपाली रुपये तक मूल्य के निजी सामान पर भन्सार शुल्क नहीं लिया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि यदि सीमा क्षेत्रों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखना है तो छूट की सीमा कम से कम 2000 भारतीय रुपये तक बढ़ाई जानी चाहिए, तभी सीमावर्ती बाजारों को वास्तविक राहत मिल सकेगी।
महराजगंज ब्यूरो प्रभारी विजय चौरसिया की रिपोर्ट