नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत के बाद शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है।
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जम्मू-कश्मीर को उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के रूप में पूरे 10 साल बाद नया मुख्यमंत्री मिल गया है। उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) समेत आज छह विधायकों ने शपथ ली है। उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस की तरफ से सुरिंदर चौधरी, सतीश शर्मा, जावेद अहमद डार, सकीना इटू, जावेद राणा ने मंत्री पद की शपथ ली है। सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर का नया मंत्रिमंडल
उमर अब्दुल्ला- मुख्यमंत्री
सुरेंद्र कुमार चौधरी- उपमुख्यमंत्री
सतीश शर्मा- मंत्री
जावेद राणा- मंत्री
सकीना इट्टू- मंत्री
जावेद अहमद डार- मंत्री
कांग्रेस का सरकार से बाहर रहने का फैसला
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के प्रमुख तारिक हमीद कर्रा (Tariq Hameed Karra) ने आज कहा कि कांग्रेस पार्टी फिलहाल जम्मू-कश्मीर सरकार (Jammu and Kashmir Government) में मंत्रालय में शामिल नहीं हो रही है। कांग्रेस ने केंद्र से जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) को राज्य का दर्जा बहाल करने की जोरदार मांग की है, इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भी कई बार सार्वजनिक बैठकों में इसका वादा किया है। लेकिन जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) को राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया है। हम नाखुश हैं इसलिए फिलहाल हम मंत्रालय में शामिल नहीं हो रहे हैं, JKPCC प्रमुख ने कहा और कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
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2019 के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत जख्म लगे: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती (PDP chief Mehbooba Mufti) ने कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) को बहुत सालों के बाद अपनी एक सरकार मिली है। लोगों ने एक स्थिर सरकार चुनी है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के लिए बहुत मुश्किल दौर है। 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के लोगों को बहुत जख्म लगे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जो सरकार बनी है वो सबसे पहले इन जख्मों का मरहम करेगी। 5 अगस्त 2019 के फैसले से जो लोगों को तकलीफ हुई है उसके बारे में सबसे पहले प्रस्ताव पास करें और उस फैसले की निंदा करें।’