अलीगंज में पिछले महीने हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद विवादों में आई चार मंजिला इमारत को शनिवार सुबह लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने गिराना शुरू कर दिया। सुबह करीब साढ़े सात बजे एलडीए की टीम भारी पुलिस बल और मशीनों के साथ मौके पर पहुंची...
लखनऊ। अलीगंज में पिछले महीने हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद विवादों में आई चार मंजिला इमारत को शनिवार सुबह लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने गिराना शुरू कर दिया। सुबह करीब साढ़े सात बजे एलडीए की टीम भारी पुलिस बल और मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और आसपास की आवाजाही भी रोक दी गई।
इमारत को गिराने के लिए तीन बुलडोजर और एक हाइड्रोलिक मशीन लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी बिल्डिंग को ध्वस्त करने में पूरे दिन का समय लग सकता है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
कार्रवाई के बीच भवन के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की ओर से उनके अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एलडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि भवन खाली करने और कार्रवाई के लिए 25 जुलाई तक का समय दिया गया था, लेकिन उसी दिन ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया। उनका दावा है कि अलग से कोई ध्वस्तीकरण आदेश नहीं दिया गया और केवल नोटिस के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस फैसले को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
22 जून को इसी इमारत की दूसरी मंजिल पर संचालित एनिमेशन कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 15 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। कुछ लोगों ने पाइप और बिजली के तारों के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाई थी, जबकि एक युवक दूसरी मंजिल से कूद गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद एलडीए की जांच में सामने आया कि जिस भवन को आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, उसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद प्राधिकरण ने भवन मालिक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाए जाने पर एलडीए ने शनिवार को खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।