राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है। याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए-किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए-इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सरकार ने सीजेपी की सभी मांगों को मान लिया। सरकार के इस फैसले के बाद सीजेपी ने अपना प्रदर्शन समाप्त करने का एलान कर दिया। इन सबके बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे छात्रों की बड़ी जीत बताया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है। याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए-किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए-इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए – किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए – इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ… pic.twitter.com/ox9WEvMty6
पढ़ें :- शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है...धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले राहुल गांधी
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 25, 2026
उन्होंने आगे लिखा, मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे – तब जा कर होगा इंसाफ़। अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है। सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
उन्होंने आगे लिखा था, 2 मांगें अभी भी बाकी हैं – प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो। ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है – अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है। इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।