Omar Abdullah and Nidhi Razdan Marriage : जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने 49 वर्षीय टीवी पत्रकार निधि राजदान के साथ 30 अक्टूबर को शादी के बंधन में बंधे। जिसके बाद दोनों की शादी सुर्खियों में बनीं हुई है, कुछ लोगों ने इसे उनकी निजी जिंदगी का मामला बताया है तो कुछ ने सोशल मीडिया पर ट्रोल किया। इस बीच, उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की शादी के खिलाफ फतवा जारी किया गया है। जिसमें इस निकाह (शादी) को शरीयत और इस्लाम के खिलाफ बताया गया है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सीएम उमर अब्दुल्ला और पत्रकार निधि राजदान के शादी को लेकर शरीयत और इस्लाम के नजरिए से पूरी तरह गैर-कानूनी (नाजायज) करार दिया है और उन्होंने इस शादी को इस्लामी शरीयत से खारिज करते हुए फतवा जारी किया है। अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने रविवार को कहा कि इस्लाम में निकाह के लिए कुछ तय उसूल और कायदे बताए गए हैं। जिनमें मुस्लिम पुरुष और गैर-मुस्लिम महिला के निकाह को लेकर शरीयत में कानून हैं।
मौलाना ने कहा कि उमर अब्दुल्ला मुस्लिम हैं, जबकि निधि राजदान गैर-मुस्लिम हैं। ऐसे में उनके अनुसार यह निकाह इस्लामी नजरिये से जायज नहीं है। उमर अब्दुल्ला को शादी से पहले निधि राजदान को इस्लाम कबूल कराना चाहिए था। अगर ऐसा होता और उसके बाद निकाह किया जाता तो उनके मतानुसार यह शादी जायज होती। इस्लामी नियमों की अनदेखी कर किया गया यह निकाह शरीयत की कसौटी पर सही नहीं है।
बता दें कि शुक्रवार (30 अक्टूबर) को विशेष विवाह अधिनियम के तहत उमर अब्दुल्ला और निधि राज़दान की शादी संपन्न हुई है। इस शादी समारोह में दोनों पक्षों के परिवार और करीबी रिश्तेदार शामिल हुए। निधि राजदान मूल रूप से कश्मीरी पंडित परिवार से हैं और उनका पैतृक निवास बडगाम है। अब मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के तर्क ने दोनों की शादी को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।