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राहुल गांधी ने गुलजार सिंह की मौत पर पंजाब सरकार को घेरा, बोले – सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे तो जवाब धमकी और टॉर्चर से मिलेगा

By Abhimanyu 
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Gulzar Singh Suicide Case : पंजाब के संगरूर में नशे के खिलाफ सरकार से सवाल करने वाले गुलजार सिंह की मौत से सियासत गरमा गयी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आप सरकार की नाकामी पर सवाल उठाने वाले गुलजार सिंह को धमकी दी गयी और उन्हें टॉर्चर किया गया। जिससे तंग आकर उन्होंने जान दे दी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस को लेकर पंजाब सरकार पर बड़ा हमला बोला है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘पंजाब की AAP सरकार में एक खतरनाक पैटर्न दिख रहा है – सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और टॉर्चर से मिलेगा। अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देखने वाले, दलित समुदाय से आने वाले गुलज़ार सिंह जी ने वित्त मंत्री से सिर्फ़ इतना पूछा कि सरकार ड्रग्स का कारोबार रोकने में इतनी बुरी तरह नाकाम क्यों है? बस इस बात पर उन्हें इतना प्रताड़ित और अपमानित किया गया, माफ़ी मांगने के लिए इतना दबाव बनाया गया कि उन्होंने ज़हर खा लिया। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते हुए, इलाज के अभाव में, आखिरकार वो ज़िंदगी की जंग हार गए।’

राहुल ने आगे लिखा, ‘पिछले हफ्ते मैंने एक युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ़ प्रदर्शन करने पर प्रताड़ित किया गया। सरकार का काम जनता को जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को कुचलना नहीं। गुलज़ार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें और सुनिश्चित करें कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो जिसकी FIR में उनका नाम दर्ज किया जाए।’

बता दें कि गुलजार सिंह ने एक विकास कार्यक्रम के दौरान गांव में खुलेआम ड्रग्स बिकने का मुद्दा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने उठाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके गांव में ड्रग्स की बिक्री खुलेआम हो रही है। परिवार और कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने नशे का मुद्दा उठाने के बाद पंचायत से जुड़े लोगों पर गुलजार से माफी मांगने के लिए दबाव बनाया था। इस दबाव के बाद गुलजार काफी परेशान हो गए थे और उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। वहीं, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।

घटना के बाद गुलजार सिंह के बेटे लखविंदर सिंह के बयान पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगरूर के दिड़बा थाने में केस दर्ज किया। पुलिस ने BNS की धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ SC-ST एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई हैं। एफआईआर में गांव की सरपंच बलजिंदर कौर, उनके पति बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह और गन्ना सिंह के नाम दर्ज किए गए।

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