लखनऊ। सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर ऑटो चलाते हुए एक वीडियो को शेयर किया है। इसके जरिए उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। ओपी राजभर ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अखिलेश यादव जी, आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं… हम नहीं। हमारी इसी फोटो को लेकर आपके उज्जड्ड ट्रोलर लोग हमारी हंसी उड़ा रहे हैं, हमें हमारी औकात बता रहे हैं।
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ये जान लीजिए कि हमारी ये फोटो ही हमारा अभिमान है, हमारी आन-बान-शान है… हमारे संघर्ष के दिनों की न जाने कितनी यादें बसी हैं इसमें। हमारा संघर्ष आज भी जारी है। छोड़िए… आपके समझ में नहीं आएगी बात…क्योंकि आपको विरासत में बड़ी-बड़ी गाड़ी, लॉन में टहलाते कुत्ते, विदेश में पढ़ाई, सत्ता का पॉवर, पहले से तैयार मुख्यमंत्री की गद्दी मिली है। जिसे आपने गद्दी मिलने के बाद बस केवल ट्विटर, एसी और पीसी वाली राजनीति में बदल दिया है। इसीलिए आपको ऑटो-रिक्शा चलाने वाले, ठेला-पटरी वाले, गरीब आदमी हंसी के पात्र लगते होंगे।
ओपी राजभर ने आगे लिखा, उड़ा लीजिए गरीबी का मजाक… और खूब उड़ भी लीजिए सातों आसमान तक…बस ये बात गांठ बांध लीजिए कि 2027 में यही टैम्पो, रिक्शा, ठेला और खोमचा वाले मिलके आपकी 2011 वाली विदेशी साइकिल को 2017 की तरह पलटेंगे भी और कचरेंगे भी। साथ ही लिखा, अखिलेश यादव जी जब ये ओम प्रकाश राजभर गांव-गांव घूम कर अति पिछड़ा, दलित, वंचित की आवाज उठा रहा था…लाठी खा रहा था… गरीबों के हक की लड़ाई लड़ रहा था, तब आप अपने पावरफुल पिता जी के धन पर विदेश घूम रहे थे। आप लिखे और पढ़े हो सकते हैं लेकिन संस्कारी नहीं हैं। यही वजह है कि आप अपने पिता का अपमान कर राजनीति में आए और सत्ता हासिल की।
वहीं हमारे पिता जी ने हमें गरीबी में पाला है, लेकिन हम आपकी तरह अपने पिता जी का अपमान करके नहीं, बल्कि उनका आशीर्वाद लेकर राजनीति में आए हैं। हम अपने समाज के दर्द से निकले हुए हैं। राजनीति हमारे लिए ट्विटर, एसी और पीसी नहीं है। 45 डिग्री की तपती दोपहरी में गांव की पगडंडियों पर चलकर जनता का दुख सुनना ही हमारी राजनीति है। आपके लिए राजनीति ‘ड्रामा’ होगी… हमारे लिए संघर्ष है। बचपन से आप सत्ता की गोद में खेले-कूदे हैं… हमने होश संभालने के साथ ही जिम्मेदारियां निभाई हैं, कभी ऑटो रिक्शे का हैंडल थामा, तो कभी आंदोलन का झंडा। याद रखिए शाहे बेखबर… जिस आदमी ने गरीबी, भूख, अपमान और संघर्ष को करीब से देखा हो, उसे सोशल मीडिया की हवा से डराया नहीं जा सकता। ओम प्रकाश राजभर सत्ता में पद पाने के लिए नहीं, अति पिछड़ा समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े आदमी की आवाज को ताकत देने के लिए राजनीति करता है।