लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू (Swine Flu) जानलेवा हो चुका है। स्वाइन फ्लू से ग्रस्त महिला की गुरुवार को इलाज के दौरान बलरामपुर अस्पताल (Balrampur Hospital) में मौत हो गई है। महिला की निजी केंद्र से हुई आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव (RT-PCR test report positive) थी। इससे स्वास्थ्य विभाग (Health Departmen) में खलबली मची है। वहीं सीएमओ मरीज की मौत पर पर्दा डालने में जुटे हैं।
पढ़ें :- '6 महीने में 1 लाख नौकरी' की घोषणा पर बोलीं मायावती- 69000 शिक्षक भर्ती के आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बारे में भी सोचे सरकार
बता दें कि इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला को 25 अगस्त को परिजनों ने बलरामपुर अस्पताल (Balrampur Hospital) की इमरजेंसी भर्ती कराया था। यहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू (Swine Flu) की आशंका जताई गई। रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। महिला को कुछ दिन पहले सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ हुई थी। परिवारीजनों ने पहले निजी अस्पताल में इलाज कराया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। करीब 25 दिन तक महिला निजी अस्पताल में भर्ती रही थी।
हालत गंभीर होने पर बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया था। भर्ती होने के बाद महिला की सांस लेने में परेशानी लगातार बढ़ती गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ जीवनरक्षक उपकरणों पर रखा गया। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी रहा, लेकिन 2.30 बजे मरीज की मौत हो गई। स्वाइन फ्लू (Swine Flu) से पहली मौत होने के बाद विभाग में हड़कंप मचा है।
परिवार की भी होगी निगरानी स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीम अब महिला की ट्रैवल हिस्ट्री और संक्रमण से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। महिला के संपर्क में आए लोगों की भी निगरानी की जा सकती है। परिवार के अन्य सदस्यों को फिलहाल आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीम ने परिवारीजनों को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के साथ एहतियात बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक परिवार के सदस्यों में किसी को सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।
सांस की तकलीफ को न करें नजरअंदाज स्वाइन फ्लू (Swine Flu) में सामान्य तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर मरीजों में सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है। खासकर सांस फूलने या ऑक्सीजन स्तर गिरने जैसे संकेत मिलने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना जरूरी है। राजधानी में सीजन की पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की स्थिति पर नजर बढ़ा दी है।
पढ़ें :- “स्कूल खोजो 1 लाख पाओ...” AAP सांसद संजय सिंह का दावा- जौनपुर में 5 विद्यालय गायब, पता लगाने वाले के लिए इनाम का ऐलान
इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के नमूने लिए गए
महिला का नमूना जांच के लिए केजीएमयू (KGMU) भेजा गया था। रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव (Swine flu positive) आया था। जिसके बाद महिला को स्वाइन फ्लू वार्ड (Swine Flu Ward) में शिफ्ट किया गया था। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इमरजेंसी में भर्ती करीब 30 से अधिक मरीजों के नमूने भी जांच के लिए भिजवाए हैं। जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार तक आएगी।
परिजनों ने पहले छिपाई थी रिपोर्ट
अस्पताल प्रशासन का कहना है परिजन पहले निजी लैब से आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट करवाया था। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। परिजन भर्ती के बाद तक ये रिपोर्ट छिपाए हुए थे। हालत गंभीर होने के बाद परिजनों वह निजी केंद्र की रिपोर्ट दिखाया।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह (CMO Dr. NB Singh) ने बताया कि महिला के कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। आरटीपीसीआर टेस्ट (RT-PCR test) नहीं हुआ था। महिला के मौत की डेथ ऑडिट कराई जाएगी।
पढ़ें :- मुकेश श्रीवास्तव के भाई पर शिकंजा कसने के बाद दो पूर्व CMO के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी
परिवार के लोगों पर रखी जा रही नजर
इंदिरा नगर की महिला की स्वाइन फ्लू से मौत (Swine Flu Death) के बाद स्वास्थ्य विभाग (Health Department) उसके परिवार के अन्य सदस्यों की सेहत पर नजर रख रहा है। विभाग की टीम महिला की ट्रैवल हिस्ट्री और संक्रमण से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। महिला के संपर्क में आए लोगों की भी निगरानी की जा सकती है। परिवार के अन्य सदस्यों को फिलहाल आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीम ने परिवारीजनों को जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के साथ एहतियात बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक परिवार के सदस्यों में किसी को सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।
सांस की तकलीफ को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू (Swine Flu) में सामान्य तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर मरीजों में सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है। खासकर सांस फूलने या ऑक्सीजन स्तर गिरने जैसे संकेत मिलने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना जरूरी है। राजधानी में सीजन की पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की स्थिति पर नजर बढ़ा दी है।
इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के लिए गए नमूने
पढ़ें :- दिल्ली में कोरोना-डेंगू के बीच स्वाइन फ्लू का कहर, H1N1 मामले 1,777 के पार, डॉक्टरों ने दी 'सेल्फ-मेडिकेशन' से बचने की सलाह।
महिला का नमूना जांच के लिए केजीएमयू (KGMU) भेजा गया था। रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव (Swine flu positive) आया था। जिसके बाद महिला को स्वाइन फ्लू वार्ड (Swine Flu Ward) में शिफ्ट किया गया था। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इमरजेंसी में भर्ती करीब 30 से अधिक मरीजों के नमूने भी जांच के लिए भिजवाए हैं। जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार तक आएगी।
परिजनों ने छिपाई थी रिपोर्ट
अस्पताल प्रशासन का कहना है परिजन पहले निजी लैब से आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट करवाया था। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। परिजन भर्ती के बाद तक ये रिपोर्ट छिपाए हुए थे। हालत गंभीर होने के बाद परिजनों वह निजी केंद्र की रिपोर्ट दिखाया।