आजकल की व्यस्त जीवनशैली (Busy Lifestyle) में मोटे अनाज (Millets) यानी मिलेट्स हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। खराब खानपान और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण आज मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में मिलेट्स को डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद है।
Powerhouse of Nutrients : आजकल की व्यस्त जीवनशैली (Busy Lifestyle) में मोटे अनाज (Millets) यानी मिलेट्स हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। खराब खानपान और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण आज मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में मिलेट्स को डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद है।
मोटे अनाजों में मुख्य रूप से बाजरा, रागी (मड़ुआ), ज्वार, कंगनी (Foxtail Millet), कोदो और सावां शामिल हैं।
बिजी लाइफस्टाइल में ये आपके शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं, इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं
पोषक तत्वों का पावरहाउस (Nutrient Rich)
मिलेट्स में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। उदाहरण के लिए, रागी में कैल्शियम की मात्रा दूध से भी ज्यादा होती है, जो हड्डियों को मजबूत रखती है।
लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखना (Sustained Energy)
व्यस्त दिनचर्या में लोग अक्सर थकान महसूस करते हैं। मिलेट्स में जटिल कार्बोहाइड्रेट (Complex Carbs) होते हैं, जो धीरे-धीरे पचते हैं। इससे शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहती है और बार-बार भूख नहीं लगती।
डिजिटल डेस्क जॉब के लिए रामबाण: बेहतर पाचन (Good for Digestion)घंटों एक जगह बैठकर काम करने से कब्ज (Constipation) और अपच की समस्या आम हो जाती है। मिलेट्स में हाई फाइबर (High Fiber) होता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और पेट साफ करता है।
नाश्ते में: रागी का चीला, इडली, डोसा या बाजरे का दलिया बना सकते हैं।
लंच/डिनर में: गेहूं की रोटी की जगह ज्वार या बाजरे की मिस्सी रोटी खाएं, या चावल की जगह कोदो/सावां की खिचड़ी बनाएं।
स्नैक्स में: भुनी हुई कंगनी या मिलेट्स के पफ्स (जैसे मखाना या पॉपकॉर्न की तरह) खा सकते हैं।