पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) कार्यालय को खाली करने के लिए भवन निर्माण विभाग (Building Construction Department) ने सात दिनों का समय दिया है। इसके साथ ही निर्देश दिया गया है कि अगर सात दिनों में खाली नहीं किया जाता है तो बलपूर्वक कार्यालय को खाली कराया जाएगा।
पढ़ें :- SC, ST, OBC समाज के लोगों के आंख में धूल झोंकने में BJP सरकार फिर सफल हुई...यूजीसी के नए नियम पर बोले स्वामी प्रसाद मौर्य
भवन निर्माण विभाग (Building Construction Department) के संयुक्त सचिव सह सक्षम प्राधिकार संजय कुमार सिंह की ओर से 22 अक्टूबर 2024 की तारीख में यह पत्र जारी हुआ है। जूनियर इंजीनियर ने बताया कि पहले भी नोटिस दिया गया था, लेकिन खाली नहीं किया गया है और अभी इश्तिहार चिपकाए गया जिसे फाड़ दिया गया है।
भू संपदा पदाधिकारी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम से पत्र जारी किया है। विभाग ने पत्र में लिखा है कि विभागीय एक्ट 1956 की धारा (4) के का शक्ति का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रीय लोजपा अध्यक्ष को निर्देश दिया जाता है कि आदेश की कॉपी मिलने के 7 दिनों के अंदर आवास संख्या 1 व्हीलर रोड, शहीद पीर अली खान मार्ग, पटना को खाली कर दीजिए। अगर तय वक्त पर आवास खाली नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि 13 जून 2024 को राष्ट्रीय लोजपा (RLJP) को बिहार का प्रदेश कार्यालय खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद फिर एक नया आदेश जारी किया जाता है कि जिसमें यह बंगला चिराग पासवान (Chirag Paswan) की पार्टी लोजपा (Ram Vilas) को अलॉट कर दिया जाता है। हालांकि, आदेश होने के बाद भी पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) ने आवास खाली नहीं किया है।