Petrol Diesel Shortage: केंद्र की मोदी सरकार की ओर से ‘हिट एंड रन’ (Hit and Run) को लेकर लाये गए नया कानून का देश के कई राज्यों में विरोध हो रहा है। सोमवार को ट्रक ड्राइवर इसके खिलाफ हड़ताल (Strike) पर बैठ गए। इस दौरान ड्राइवरों ने चक्का जाम भी किया। वहीं, हड़ताल का असर कई राज्यों में दिखने लगा है।
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दरअसल, नए कानून के खिलाफ में देशभर में ट्रक ड्राइवरों ने वाहन चलाने से इनकार कर दिया है। नतीजा, जगह-जगह भारी वाहन सड़कों पर खड़े हो गए हैं। इसके चलते पेट्रोल-डीजल, सब्जी जैसी अति आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर असर दिख रहा है। मध्य-प्रदेश, राजस्थान, समेत 10 राज्यों से पेट्रोल-डीजल पंप (Petrol-Diesel Pump) ड्राई होने की खबरें हैं। यहां लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। फल, सब्जी, दूध, कृषि के सामानों की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
ऑयल टैंकर ड्राइवरों (Oil Tanker Drivers) ने जैसे ही हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया, पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भरने वाले लोगों की भीड़ लग गई। शहर के तमाम पेट्रोल पंपों में लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी। यह स्थिति केवल शहरों में नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई दी। लोग वाहनों के टैंक फुल करवाकर रहे हैं, जिससे हड़ताल के दिनों तक कोई परेशानी न हो।
कई जगह प्रशासन ट्रांसपोर्टर्स से संपर्क कर आपूर्ति बहाल करवाने में लगा है। मध्य प्रदेश के सागर में भी सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ, जब आंदोलन की वजह से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बाधित हुई तो तब खुद कलेक्टर सड़क पर उतर गए और पुलिस सुरक्षा में टैंकर फिलिंग सेंटर पहुंचाया।
बता दें कि सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘हिट एंड रन’ कानून में बदलाव किया है। इंडियन पीनल कोड 2023 में हुए संशोधन के बाद एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 10 साल की सजा के प्रावधान की वजह से ही ड्राइवर परेशान हैं और विरोध कर रहे हैं।
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इस बीच देशभर में ट्रक व टैंकर ड्राइवरों ने सीधी हड़ताल का आह्वान किया है। ऐसे में तीन कंपनियों बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल को पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति करने वाले टैंकर चालकों ने भी इस नए कानून को रद्द करने की मांग को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है।