Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. PM मोदी ने जारी किया एक और वीडियो: परीक्षा सुधारों को लेकर किया बड़ा एलान, नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन

PM मोदी ने जारी किया एक और वीडियो: परीक्षा सुधारों को लेकर किया बड़ा एलान, नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि, भारत सरकार छात्रों के ​भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य से छेड़छाड़ की, वे आज जेल में हैं।

पढ़ें :- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत है, युवाओं पर लाठी चलवाने, पैलेट गन से हमला करने के लिए मांगनी चाहिए माफी: कांग्रेस

प्रधानमंत्री ने बताया कि यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर काम करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

बता दें कि, नीट पेपर लीक विवाद के बाद से पीएम मोदी लगातार वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने पहला वीडियो 23 जुलाई को रात 11:52 बजे जारी किया था। इसके बाद अगले दिन 24 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और वीडियो जारी किया था। वहीं, अब रविवार को पीएम मोदी ने एक मिनट 20 सेकंड का नया वीडियो जारी किया है। पहले दो वीडियो की तरह ही इस वीडियो की शुरुआत भी पीएम मोदी ने ‘फ्रेंड्स’ कहकर की है।

कौन हैं नंदन नीलेकणि?
बता दें कि, नंदन निलेकणि का जन्म बंगलूरू में 2 जून, 1955 को हुआ था। भारत के सबसे प्रसिद्ध उद्यमियों, तकनीकी विशेषज्ञों और सार्वजनिक नीति से जुड़े नेताओं में से एक हैं। वे विशेष रूप से Infosys के सह-संस्थापक और भारत की डिजिटल पहचान परियोजना Unique Identification Authority of India (UIDAI) के पहले अध्यक्ष के रूप में जाने जाते हैं। नंदन नीलेकणि 2002 से 2007 तक इंफोसिस के CEO रहे और बाद में कंपनी के चेयरमैन भी बने। नंदन नीलेकणि को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में देश की सबसे बड़ी डिजिटल और सामाजिक पहचान परियोजना ‘आधार’ का नेतृत्व करने का श्रेय दिया जाता है। भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया है। इसके अलावा, वे डिजिटल साक्षरता मंच एकेस्टेप (EkStep) के सह-संस्थापक भी हैं।

 

 

 

पढ़ें :- CJP Protest: सीजेपी ने सरकार के सामने रखी तीन मांगे, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े
Advertisement