नई दिल्ली। ईरान में जारी तनाव के बीच आज नरेंद्र मोदी देश को अहम जानकारी देने वाले हैं। प्रधानमंत्री लोकसभा में दोपहर 2 बजे संबोधन करेंगे, जिसमें तेल, गैस और जरूरी सप्लाई की स्थिति पर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी अपने भाषण में बताएंगे कि वैश्विक संकट के बीच भारत में ऊर्जा आपूर्ति कितनी सुरक्षित है और अगर कोई चुनौती है तो उससे निपटने के लिए सरकार ने क्या तैयारी की है।
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रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई हाई लेवल बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, शिपिंग, फाइनेंस और सप्लाई जैसे अहम सेक्टरों की समीक्षा की गई। बैठक में खास तौर पर आने वाले खरीफ सीजन को लेकर उर्वरकों की उपलब्धता पर जोर दिया गया। सरकार नहीं चाहती कि किसानों को किसी भी तरह की कमी का सामना करना पड़े। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी पावर प्लांट्स में कोयले की पर्याप्त सप्लाई बनी रहे, ताकि उत्पादन पर असर न पड़े।
एलपीजी की कमी के चलते कई लोग इंडक्शन और बिजली आधारित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में लगातार बिजली सप्लाई बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता बन गई है। इसके अलावा बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पेट्रोकेमिकल्स, फार्मा और केमिकल सेक्टर में किसी तरह की कमी न हो। पीएम मोदी ने कहा कि यह वैश्विक संकट पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है, लेकिन भारत को अपने हितों की रक्षा के लिए समन्वय के साथ काम करना होगा।
अब सभी की नजरें लोकसभा में होने वाले इस संबोधन पर टिकी हैं, जहां से देश को हालातों की पूरी तस्वीर मिल सकती है।