Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. PM Modi 76th Birthday : राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और नेता प्रतिपक्ष समेत तमाम नेताओं ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

PM Modi 76th Birthday : राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और नेता प्रतिपक्ष समेत तमाम नेताओं ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

By Abhimanyu 
Updated Date

PM Modi’s Birthday : भारत के पीएम नरेंद्र मोदी का आज (17 सितंबर को) 76वां जन्मदिन है। इस मौके पर भाजपा और उसके समर्थकों की ओर से देशभर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत तमाम राजनैतिक हस्तियों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।

पढ़ें :- Uttarakhand News : हेमकुंड साहिब में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, केदारनाथ घाटी में भारी बारिश और छाया घना कोहरा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। विगत 25 वर्षों में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कार्यकाल में आपने सुशासन के अनेक नए प्रतिमान स्थापित किए हैं तथा समावेशी विकास को अभूतपूर्व गति एवं नई दिशा प्रदान की है। सांस्कृतिक गौरव की भावना के साथ आधुनिक प्रगति के मार्ग पर चलते हुए हमारे देशवासी, विरासत और विकास के समन्वय को साकार कर रहे हैं। मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की प्रार्थना करती हूं, ताकि आप जन-सेवा और राष्ट्र-निर्माण के अपने अभियान को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।’

पढ़ें :- IND vs AFG Playing XI : आज वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की! एशियन गेम्स से पहले कप्तान आजमाना चाहेंगे बेंच स्ट्रेंथ

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने लिखा, ‘माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपके दृढ़ और दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत दुनिया में एक चमकते हुए सितारे और सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है। 25 करोड़ से ज़्यादा भारतीय घोर गरीबी से बाहर निकले हैं। एक क्रांतिकारी डिजिटल बदलाव ने लाखों लोगों को सशक्त बनाया है, और अंतरिक्ष, टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग तक हर क्षेत्र में ज़बरदस्त विकास हुआ है। पिछड़े ज़िलों को ‘आकांक्षी ज़िले’, सीमावर्ती गाँवों को ‘वाइब्रेंट और पहले गाँव’ और पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ कहना आपकी दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। इस सोच ने भौगोलिक रूप से पिछड़े इलाकों को सशक्तिकरण में बदल दिया है, जिससे ‘विकसित भारत’ की हमारी यात्रा में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों की सक्रिय भागीदारी संभव हो पाई है।’

पढ़ें :- Bank Jobs 2026 : SBI में कैडर अधिकारियों की भर्ती, एमबीए और बीटेक वालों को मौका, सीटीसी 98 लाख तक

उपराष्ट्रपति ने आगे लिखा, ‘पिछले एक साल में, जब मैंने विभिन्न राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की यात्रा की, तो मैंने खुद देखा कि ये क्रांतिकारी बदलाव देश के सबसे दूर-दराज़ इलाकों तक कैसे पहुँच रहे हैं। पूरे देश में दिख रही प्रगति, आकांक्षा और नए उत्साह की भावना हमारी सामूहिक विकास यात्रा के आत्मविश्वास को दर्शाती है। मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और निरंतर शक्ति के लिए प्रार्थना करता हूँ, ताकि आप अपनी मातृभूमि को ‘विकसित भारत @ 2047′ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे ले जा सकें।’

Advertisement