लखनऊ। मेडिकल उपकरण की सरकारी आपूर्ति करने वाली पीओसीटी कंपनी (POCT Company) के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने छापा मारा। जांच के घेरे में आई पीओसीटी साइंस हाउस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (POCT Science House Private Limited Company) की प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अफसरों से सांठ-गांठ होने के सुराग मिले हैं। पीओसीटी के ठिकानों पर छापों के दौरान कई ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनमें स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के अफसरों से लेकर बाबुओं तक कमीशन देने का उल्लेख है।
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अब छापों की रिपोर्ट को राजधानी स्थित आयकर विभाग (Income Tax Department) की जांच इकाई के साथ साझा किया जाएगा, जिसके बाद पीओसीटी से उगाही करने वाले सरकारी कर्मियों की जांच होगी। सूत्रों की मानें तो पीओसीटी साइंस हाउस (POCT Science House) के संचालकों में शामिल सौरभ गर्ग के गोमतीनगर स्थित आवास पर छापे के दौरान एम्स समेत कई राज्यों के स्वास्थ्य महकमे में करोडों रुपये के मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति और डायग्नोस्टिक और पैथॉलाजी सर्विसेज का काम करने के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
छापों के दौरान कुछ कच्चे बही-खातों में कोड वर्ड में अफसरों के नाम दिए हैं, जिनके आगे लाखों रुपये का भुगतान करने का उल्लेख है। यही वजह है कि भोपाल से आई आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम तीन दिन तक आवास पर डटी रही और दस्तावेजों को खंगालने के बाद उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि आयकर विभाग (Income Tax Department) ने अभी तक देश भर में पीओसीटी के ठिकानों पर छापे में हुई बरामदगी का ब्योरा साझा नहीं किया है। जल्द ही इस बाबत अहम खुलासा किया जा सकता है।
शुरुआती जांच में करोड़ों की कमीशनखोरी के सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक छापे में मिले कच्चे बही-खातों में सरकारी अधिकारियों को लाखों रुपए देने का विवरण दर्ज है। आयकर टीम अब यह पता लगा रही है कि ये अफसर कब और कहां तैनात रहे हैं?
खातों से करोडों रुपए नकदी निकासी के मिले प्रमाण
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कंपनी के खातों से करोडों रुपए नकदी निकासी के प्रमाण मिले हैं। आशंका है कि यह रकम कमीशन के तौर पर अधिकारियों में बांटी गई है। हालांकि अभी तक आयकर विभाग ने बरामदगी का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
कंपनी संचालक कई फर्मों से है जुड़े
आयकर विभाग (Income Tax Department) की भोपाल यूनिट ने बीते दिनों कंपनी के 30 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई की थी। जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी के जितेंद्र तिवारी सात कंपनियों और सौरभ गर्ग एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों में निदेशक हैं। इसके अलावा जितेंद्र की ‘जीवन उदय फाउंडेशन’ (Jeevan Uday Foundation) नाम से भी एक कंपनी है। आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश में है कि ये फर्में मेडिकल कारोबार में सक्रिय हैं। या फिर लेन-देन छिपाने के लिए सिर्फ बोगस एंट्री की गई है।
जानें पीओसीटी साइंस हाउस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बारे में
पीओसीटी साइंस हाउस प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ (POCT Science House Private Limited Lucknow) में स्थित एक डायग्नोस्टिक्स कंपनी है, जिसे 10 जनवरी, 2019 को शामिल किया गया था। ये कंपनी क्यू-लाइन बायोटेक और साइंस हाउस मेडिकल्स के साथ मिलकर काम करती है। यह देश की अग्रणी डायग्नोस्टिक्स कंपनियों में से एक है। यह कंपनी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत टर्नकी प्रयोगशाला परियोजनाएं संचालित करती है, जो जिला और सामुदायिक अस्पतालों के लिए चिकित्सा परीक्षण करती हैं ।
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ये कंपनी जिला और सामुदायिक अस्पतालों के लिए 85 प्रयोगशालाएं संचालित करती है, जो हजारों रोगियों की रिपोर्ट तैयार करती हैं। ये प्रयोगशालाएं 400 से अधिक स्वचालित विश्लेषकों का उपयोग करके 150 से अधिक विभिन्न प्रकार के चिकित्सा परीक्षण करती हैं।