सियोल। दक्षिण कोरिया (South Korea) में मार्शल लॉ (Martial Law) लागू करने पर विवाद गहरा गया है। विपक्ष ने राष्ट्रपति यून सुक योल (President Yoon Suk Yol) के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव (Impeachment Motion) पेश किया है। बता दें कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने मंगलवार को देश में मार्शल लॉ (Martial Law) लागू करने का एलान किया था। हालांकि भारी दबाव के चलते कुछ ही घंटे बाद उन्होंने इस घोषणा को वापस ले लिया था। विपक्षी सांसदों का कहा कि संसद को राष्ट्रपति को तुरंत हटाने पर फोकस करना चाहिए। विपक्ष ने कहा कि जब तक राष्ट्रपति योल पद पर रहेंगे, तब तक देश में हालात सामान्य नहीं हो सकेंगे।
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राष्ट्रपति योल ने क्यों लगाया था मार्शल लॉ?
राष्ट्रपति ने टीवी पर प्रसारित बयान में बताया कि देश को उत्तर कोरिया और देश विरोधी ताकतों से खतरा है। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि अपनी राजनीति परेशानियों के चलते राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ (Martial Law) लगाने का फैसला किया था। मंगलवार रात को राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सरकार को कमजोर करने के विपक्ष के प्रयासों का जिक्र किया और कहा कि ‘तबाही मचाने वाली देश विरोधी ताकतों को कुचलने के लिए मार्शल लॉ (Martial Law) की घोषणा करते हैं।’
मार्शल लॉ के एलान के बाद दक्षिण कोरिया में बवाल
मार्शल लॉ (Martial Law) का अर्थ था कि देश अस्थायी तौर पर सेना के नियंत्रण में चला गया। हालांकि राष्ट्रपति ने जैसे ही मार्शल लॉ (Martial Law) लगाने का एलान किया, वैसे ही हजारों की संख्या में लोग दक्षिण कोरिया की सड़कों पर निकल आए और राजधानी सियोल में संसद के बाहर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। मार्शल लॉ (Martial Law) लगते ही सैन्य बल संसद में दाखिल हो गए और संसद के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प शुरू हो गई। वहीं पुलिस को संसद में दाखिल होने से रोकने के लिए सांसद भी पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। भारी विरोध के चलते राष्ट्रपति ने हार मान ली और कुछ ही घंटे बाद संसद में हुए मतदान को स्वीकार करते हुए मार्शल लॉ (Martial Law) का आदेश वापस ले लिया।