नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान से जुड़ा संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इससे यूक्रेन को अमेरिका से मिलने वाली महत्वपूर्ण एंटी-मिसाइल रक्षा प्रणालियों पर असर पड़ सकता है। एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका की सीमित उत्पादन क्षमता के कारण यूक्रेन को अभी तक ऐसी हथियार प्रणालियों की कम मात्रा ही मिल पाई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल मौजूदा सप्लाई या खुफिया जानकारी साझा करने में कोई बाधा नहीं आई है।
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यूक्रेन PURL प्रोग्राम के तहत अमेरिकी हथियार हासिल कर रहा है, जिसके जरिए NATO के सदस्य देश कीव के लिए हथियार खरीद को फंड कर सकते हैं। जेलेंस्की ने कहा कि इस योजना के तहत यूक्रेन Patriot missile system के लिए एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें और अन्य जरूरी हथियार खरीद पा रहा है, जो उसकी सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने आशंका जताई कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव यूक्रेन की रक्षा जरूरतों से संसाधनों को भटका सकता है। उनके अनुसार मध्य पूर्व में युद्ध और ईरान की स्थिति एक बड़ी चुनौती है, जिससे ये सभी पैकेज खतरे में पड़ सकते हैं। जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका ने अब तक बहुत कम संख्या में ही ये सिस्टम उपलब्ध कराए हैं, जिसका कारण उत्पादन क्षमता की कमी है। उन्होंने चेताया कि यदि मध्य पूर्व में युद्ध लंबा चलता है या युद्धविराम में देरी होती है, तो यूक्रेन की सुरक्षा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
इस बीच, यूक्रेन ड्रोन युद्ध के क्षेत्र में अपना अनुभव मध्य पूर्व के देशों के साथ साझा कर रहा है। रूस के खिलाफ चार वर्षों तक ड्रोन हमलों का सामना करने के बाद, यूक्रेन अब तकनीकी विशेषज्ञता और प्रशिक्षण मिशन प्रदान कर रहा है। राष्ट्रपति के अनुसार, Saudi Arabia, Qatar और United Arab Emirates के साथ इस संबंध में समझौते हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अन्य देशों के साथ भी सहयोग जारी रखेगा और अपनी विशेषज्ञता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।