नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षा परिणामों के बाद लागू फीस व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्कैन कॉपी (Scanned Copies) , री-टोटलिंग (Re-totalling) और री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) के लिए छात्रों से शुल्क लिया जा रहा है, जबकि कई मामलों में त्रुटियां खुद बोर्ड की प्रक्रिया में होती हैं।
पढ़ें :- देश में लगातार पेपर लीक, नौजवान कर रहे हैं आत्महत्या और पीएम मोदी बता रहे हैं आम पना बनाने की रेसिपी : पवन खेड़ा
जेबकतरों से सावधान – आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवालअपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।… pic.twitter.com/H0WS1xF6Zf
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 1, 2026
पढ़ें :- राहुल गांधी का सीधा अटैक, बोले- मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है, दावे 'विश्वगुरु' के मगर देश में नहीं करवा सकते ईमानदारी एक भी परीक्षा
राहुल ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
सोशल मीडिया मंच एक्स पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने लिखा कि जेबकतरों से सावधान रहें, आज वे सीबीएसई (CBSE) के अंदर बैठे हैं। अगर सीबीएसई (CBSE) की गलती से अंक गलत आ जाएं तो आपको क्या मिलता है? एक बिल। डिजिटल स्कैन कॉपी के लिए 100 रुपये प्रति विषय, री-टोटलिंग के लिए 100 रुपये प्रति पेपर और री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न।
CBSE’s May 2025 tender required answer sheets to be scanned with automatic robotic scanners, spines preserved, at a minimum of 300 DPI.
The tender re-issued in August quietly removed all of it. “Scanners” became generic. Resolution dropped to 200 DPI.
पढ़ें :- Astrologer Predicts : डीके शिवकुमार लंबे समय तक बने रहेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री, ज्योतिषी ने की बड़ी भविष्यवाणी
Now we know what that… https://t.co/XXdorOi3oq
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 31, 2026
सवाल उठाया कि सीबीएसई कितनी कर रहा है कमाई ?
उन्होंने कहा कि एक छात्र को अपनी आंसर सीट की सही जांच करवाने के लिए 2,000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि करीब चार लाख छात्रों ने इस तरह के आवेदन किए हैं और सवाल उठाया कि इससे सीबीएसई कितनी कमाई कर रहा है।
A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
पढ़ें :- NEET छात्रों से मुलाक़ात में एक बात साफ़ हो गई कि भारत का युवा पीएम नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता: राहुल गांधी
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions – but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they… pic.twitter.com/5InBxgJv1B
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 31, 2026
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब स्कैनिंग मोबाइल फोन से की जाती है तो गलत मूल्यांकन होना स्वाभाविक है और फिर उसे ठीक कराने का खर्च भी छात्र को ही उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गलती सीबीएसई की है, सजा बच्चे को मिल रही है और कमाई सरकार कर रही है।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आगे कहा कि जब शिक्षा को सेवा के बजाय व्यवसाय में बदल दिया जाता है तो गलतियों को सुधारा नहीं जाता, बल्कि उन्हें बढ़ाया जाता है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा बच्चों को अपने समय, आत्मविश्वास और भविष्य के रूप में चुकाना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मूल्यांकन में व्यापक स्तर पर होने वाली गलतियां उन छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं जो अपने अंकों में सुधार या पुनर्मूल्यांकन की मांग करते हैं।
पढ़ें :- Education: CBSE OSM फेल! 4 लाख से अधिक छात्रों ने मांगी 11 लाख से भी ज्यादा कॉपियां, आज से खुली री-इवैल्यूएशन विंडो
सीबीएसई ने कड़ी निगरानी का दिया आश्वासन
इस बीच, ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रणाली को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को सीबीएसई (CBSE) ने कहा कि उसने अपने सेवा प्रदाता के ऑनमार्क पोर्टल में चिन्हित कमजोरियों पर कड़ी निगरानी रखी है और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की टीम को सिस्टम मजबूत करने के लिए तैनात किया है।
सीबीएसई (CBSE) ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की टीम पिछले कुछ दिनों से पोर्टल को सुरक्षित बनाने पर काम कर रही है। बोर्ड के अनुसार, पहचानी गई कमजोरियों को नियंत्रित कर लिया गया है और यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं कि सिस्टम में कोई अन्य ऐसी खामी न रह जाए जिसका दुरुपयोग किया जा सके।
सीबीएसई (CBSE) ने उन जागरूक नागरिकों और एथिकल हैकर्स का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने संभावित सुरक्षा खामियों की जानकारी दी। बोर्ड ने कहा कि उसने इनमें से कुछ लोगों से सीधे संवाद भी किया है और उनके सुझावों को गंभीरता से लिया है।