केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई। गांधी परिवार और उसकी जेबी कांग्रेस का आज भी यही हाल है। ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने के अपने 90 वर्ष पुराने निर्णय पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक बार फिर मुहर लगा दी है। कट्टरपंथियों के दबाव में राष्ट्रगीत को अधूरा रखने की यही हठधर्मिता कांग्रेस को लगातार जनभावनाओं से दूर करती जा रही है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि देश अब तुष्टिकरण और वोटबैंक की संकीर्ण राजनीति से बहुत आगे बढ़ चुका है। पूरे देश में ‘वंदे मातरम्’ अधूरा नहीं, अपने सभी छह छंदों के साथ गूंजेगा और इसकी प्रचंड ध्वनि गांधी परिवार की चौखट से लेकर कांग्रेस मुख्यालय तक सुनाई देगी।
केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई। गांधी परिवार और उसकी जेबी कांग्रेस का आज भी यही हाल है। ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने के अपने 90 वर्ष पुराने निर्णय पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक बार फिर मुहर लगा दी है। कट्टरपंथियों के दबाव में राष्ट्रगीत को अधूरा रखने की यही हठधर्मिता कांग्रेस को लगातार जनभावनाओं से दूर करती जा रही है।
उन्होंने आगे लिखा, गांधी परिवार के इशारों पर चलने वाली कांग्रेस का यह निर्णय किसी वैचारिक सिद्धांत से नहीं, बल्कि वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है। धर्म के आधार पर की गई राजनीति की भयावह कीमत देश विभाजन के रूप में चुका चुका है, लेकिन कांग्रेस आज भी राष्ट्रीय एकता के प्रतीक को धार्मिक वोटों के तराजू पर तौल रही है।
कांग्रेस को साफ़ करना चाहिए कि उसे मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के उल्लेख से परहेज क्यों है? वह किसे ख़ुश करने के लिए राष्ट्रगीत के चार छंदों को छोड़ने पर अड़ी है? उसकी यह जिद ‘एक्सीडेंटल हिंदू’ वाली मानसिकता और छद्म धर्मनिरपेक्षता का असली चेहरा उजागर करती है।
केशव मौर्य ने आगे लिखा, कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि देश अब तुष्टिकरण और वोटबैंक की संकीर्ण राजनीति से बहुत आगे बढ़ चुका है। पूरे देश में ‘वंदे मातरम्’ अधूरा नहीं, अपने सभी छह छंदों के साथ गूंजेगा और इसकी प्रचंड ध्वनि गांधी परिवार की चौखट से लेकर कांग्रेस मुख्यालय तक सुनाई देगी।