नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को जंतर-मंतर से दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के तरफ से हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि मोदी सरकार (Modi Government) के मूल सिद्धांत “असत्य और हिंसा” हैं। कांग्रेस सांसद ने ‘एक्स’ पर लिखा कि सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को जंतर-मंतर से उस समय हटाया जाना गलत है, जब वह अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे थे।
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The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No…
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— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 18, 2026
कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि वांगचुक को वहां से हटाने की घटना देश के लोकतंत्र और संविधान पर एक “कलंक” है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने सोमवार को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शनस्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने इसे लेकर कहा है कि उसने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के निर्देशों का पालन करते हुए सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को अस्पताल में भर्ती कराया है।
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “कितना भी बल प्रयोग कर लिया जाए, भारत के छात्रों और उन लोगों को, जो उनसे प्रेम करते हैं और उन पर विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोका जा सकता।”
सोनम वांगचुक को हटाने पर क्या बोली पुलिस?
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राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब शनिवार तड़के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार की गई।
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने कहा कि वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए हंगामा हुआ। हालांकि, पुलिस ने अधिकतम संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी की।
पुलिस कार्रवाई पर सीजेपी ने लगाए क्या आरोप?
पुलिस की कार्रवाई के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि “दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की और मुझे हिरासत में ले लिया।” सीजेपी ने भी ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सोनम वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर प्रदर्शन स्थल से ले जाते हुए दिखाया गया।