Ram Mandir Donation Theft Case : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir Donation Theft Case) और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Misra, Chairman of the Shri Ram Janmabhoomi Temple Construction Committee) ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि आगामी 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO ) की नियुक्ति और विभिन्न समितियों व उपसमितियों के भविष्य को लेकर ट्रस्ट द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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ट्रस्ट के पदेन सदस्यों को नहीं होता है मतदान करने का अधिकार
नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Misra) ने स्पष्ट किया कि यदि सीईओ की नियुक्ति होती है, तो वह ट्रस्ट की निगरानी में अपना स्टाफ नियुक्त करेगा और आगे की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था उसी के अनुसार संचालित होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि ट्रस्ट के पदेन सदस्यों को मतदान करने का अधिकार नहीं होता है।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की कोई कमी नहीं
दर्शनार्थियों की संख्या में कमी आने की चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Misra) ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की कोई कमी नहीं है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं से लगातार संवाद किया जा रहा है और इस दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत या असंतोष की बात सामने नहीं आई है।
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राम मंदिर निर्माण की कुल लागत 1600 से 1800 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान
तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के समापन पर नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Misra) ने मंदिर निर्माण और प्रस्तावित संग्रहालय से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण की कुल लागत 1600 से 1800 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। इसके साथ ही, प्रस्तावित राम कथा संग्रहालय के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इस संग्रहालय की सभी गैलरियों की स्क्रिप्ट फाइनल कर दी गई है, जिसमें भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़ी देश की प्रमुख नदियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी शुरुआत सरयू नदी से होगी और समापन गुप्तार घाट पर केंद्रित रहेगा।