अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के तरफ से दावा किया जा रहा है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा व मंदिर के निर्माण सहायक गोपाल राव व्यवस्था से हट गए हैं। सोमवार गोपाल राव की वायरल तस्वीर ने उन्हें भी अचरज में डाल दिया है। गोपाल राव पूरे प्रोटोकॉल के साथ दिखे। आज सुबह की आरती में भक्त लाइन में थे तब गोपाल, राम लला की प्रतिमा के पास खड़े थे आरती करवा रहे थे। इनका जलवा देखिए।
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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें गोपाल राव मंदिर परिसर में आरती के दौरान मौजूद दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि तस्वीर की है। चढ़ावा चोरी और ट्रस्ट की भूमिका पर उठते सवालों के बीच गोपाल राव की मंदिर में मौजूदगी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहा है कि जब जांच जारी है और कई नामों की भूमिका पर सवाल हैं, तो जिम्मेदार लोग पहले की तरह मंदिर व्यवस्था में कैसे सक्रिय हैं?
गोपाल राव की फोटो वायरल :
सोमवार को एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें गोपाल राव मंदिर के गर्भगृह के पास खड़े नजर आ रहे हैं। इस पर लोग सवाल उठा रहे हैं। हालांकि hindi.pardaphash.com इस वायरल फोटो की पुष्टि नहीं करता।
मंदिर की आरती में दिखे गोपाल राव ,आखिर ट्रस्ट को जनभावना क्यो दिखाई देती?
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अयोध्या मंदिर चढ़ाव चोरी मामले में गोपाल राव पर भी आरोप लगे थे। ट्रस्ट को इन आरोप के बाद गोपाल राव को मंदिर की व्यवस्था से हटाना चाहिए था।
मगर गोपाल राव आज पूरे प्रोटोकाल के साथ सुबह की आरती में दिखाई… pic.twitter.com/0kQvK1VvaV
— Suresh Singh (@sureshsinghj) June 29, 2026
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में घिरे चंपत राय और अनिल मिश्रा ने भले ही इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन मंदिर प्रबंधन में उनका पूरा दखल अभी भी है। निर्माण सहायक गोपाल राव का कद भी बरकरार है। इसे लेकर इस्तीफे पर सवाल उठ रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि मामला शांत करने के लिए इस्तीफा सिर्फ एक दिखावा है। यही वजह है कि 11 जुलाई को होने वाली न्यास की बैठक में इस्तीफे पर विचार करने की बात कही गई है।
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मामले में लंबी फजीहत के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दिया था। सूत्रों के मुताबिक, कागजी प्रक्रिया तो कर दी गई, लेकिन हकीकत में चंपत और अनिल मिश्रा मंदिर प्रबंधन के हर कार्य में उसी तरह हस्तक्षेप कर रहे हैं, जितना पहले कर रहे थे। मंदिर के निर्माण सहायक गोपाल राव के भी कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने इस्तीफा भी नहीं दिया है। विहिप, संघ और केंद्र सरकार के काफी दबाव के बाद चंपत राय और अनिल ने इस्तीफा दिया था। लेकिन जिस तरह उनके कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वह वहीं रह रहे हैं, उससे लोग रणनीति के तहत इस्तीफा दिए जाने की बात कर रहे हैं।