Sagar-Satna Expressway: मध्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ा प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है। सागर-सतना एक्सप्रेसवे को सरकार की मंजूरी मिल गई है। करीब 9,850 करोड़ रुपये की लागत वाले इस हाई स्पीड कॉरिडोर के बनने के बाद बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के बीच आवागमन पहले के मुकाबले तेज हो जाएगा। इसका सीधा फायदा सागर, दमोह और भोपाल से लेकर सतना, रीवा होते हुए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मिर्जापुर और वाराणसी तक आने-जाने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है।
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करीब 295 किलोमीटर लंबे मौजूदा मार्ग को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद सागर और सतना के बीच की दूरी लगभग 75 किलोमीटर कम होकर करीब 220 किलोमीटर रह जाएगी। यानी जिस सफर में अभी ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है, वह नया हाई स्पीड रूट बनने के बाद काफी छोटा हो जाएगा।
भोपाल से रीवा-प्रयागराज का सफर भी होगा छोटा
इस परियोजना का असर सिर्फ सागर और सतना के बीच सीमित नहीं रहेगा। भोपाल से सागर के बीच भी फोरलेन निर्माण का काम चल रहा है। करीब 185 किलोमीटर के इस रास्ते में लगभग 20 किलोमीटर की कमी आने के बाद दूरी करीब 163 किलोमीटर रह जाने की बात कही जा रही है।
सागर-सतना कॉरिडोर तैयार होने के बाद भोपाल से सतना और रीवा की तरफ जाने वालों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। मौजूदा करीब 590 किलोमीटर के सफर की तुलना में दूरी घटकर लगभग 395 किलोमीटर रह सकती है। करीब 100 किलोमीटर की दूरी कम होने पर यात्रा के समय में लगभग दो घंटे तक की बचत होने का अनुमान है।
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कम दूरी का मतलब वाहनों के ईंधन खर्च में कमी के साथ-साथ माल और यात्रियों की आवाजाही में तेजी भी होगी। खास तौर पर पश्चिमी मध्य प्रदेश को उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से जोड़ने में यह मार्ग अहम भूमिका निभा सकता है।
सड़क के साथ कारोबार और खेती को भी मिलेगा फायदा
सरकार की ओर से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब डीपीआर तैयार है और जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण की दिशा में काम शुरू होगा।
एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट, लॉजिस्टिक हब और रिहायशी परियोजनाओं के साथ औद्योगिक इकाइयों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेशकों के लिए इन इलाकों तक पहुंच आसान होगी।
कृषि क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए अपनी उपज को बड़े शहरों और मंडियों तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे परिवहन में लगने वाला समय घट सकता है। वहीं, एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर पहले से ही बाजार में हलचल बढ़ने लगी है।
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इस तरह सागर-सतना एक्सप्रेसवे सिर्फ दो शहरों के बीच दूरी कम करने वाली सड़क नहीं होगा, बल्कि इसके जरिए भोपाल और बुंदेलखंड क्षेत्र की उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों तक पहुंच भी पहले से तेज होने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से तेज और सुगम कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम
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