मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा की गई प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में शराबबंदी की घोषणा पर आज यानी 1 अप्रैल 2025 से अमल हो गया है। घोषणा के तहत आज से प्रदेश के उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मंडला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त मदिरा दुकानों और बार बंद हो गए हैं। इन 19 नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों को पूरी तरह पवित्र घोषित करते हुए 1 अप्रैल 2025 से पूर्ण शराब बंदी कर दी गई है।
पढ़ें :- AI Summit Shirtless Protest : दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर से एक और यूथ कांग्रेस वर्कर गिरफ्तार, अब तक कुल 5 लोग अरेस्ट
इन क्षेत्रों में हुई शराबबंदी
जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा रामराजा मंदिर क्षेत्र, ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर भेड़ाघाट क्षेत्र, चित्रकूट, मैहर, सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं। एक अप्रैल 2025 से इन सभी क्षेत्र में पूर्ण शराब बंदी रहेगी।