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Sawan 2025: सावन में हरे रंग के कपड़े पहनना ट्रेंड या श्रद्धा , जानें असली कारण

By Aakansha Upadhyay 
Updated Date

सावन आते ही अक्सर महिलाएं  एक ही कलर के कपड़े में  दिखती  हैं वो है  हरा रंग का कपड़ा ये परंपरा है । लेकिन ये परंपरा अब फ़ैशन ट्रेंड के रूप में बदलती हुई नज़र आ रही है। सावन आते ही सोशल मीडिया  पर हरा रंग छाया रहता है। मोस्टली देखा जाता है कि सावन में महिलाएं हरे रंग कि साड़ियाँ ,चूड़ी ,बिंदी ,मेहंदी का शृंगार करती हैं। आज हम आपको बताएँगे कि भले ही आज के समय में ये ट्रेंड हो गया है। लेकिन इसके  पीछे एक संस्कृति छुपी हुई है।

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सावन में क्यों पहना जाता है हरा रंग

धार्मिक महत्व

सावन भगवान शिव का माह माना जाता है।  भोले बाबा और माँ पार्वती को हरा कलर बेहद पसंद है। इसीलिए नारियां भगवान शिव को प्रतीक मानकर सावन में हरे रंग का वस्त्र पहनती हैं।

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 प्राकृतिक प्रतीक

सावन हरियाली का महीना होता है। इस महीने वर्षा होती है और मौसम बहुत प्यारा  हो जाता है। इस कारण हर तरफ  हरियाली नजर आने लगती है। क्योकि  हरा रंग प्रकृति, प्रजनन और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस कारण भी सावन में हरे रंग का महत्व बढ़ जाता है।

विवाहित महिलाओं का सौभाग्य

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जिस तरीके से शादी  शुदा स्त्री के लिए लाल रंग सुहाग की निशानी मानी  जाती है उसी तरह सावन में सुहागन स्त्रियों के लिए हरा रंग सौभाग्य, प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना गया है। इसीलिए महिलाएं  हरे वस्त्र, चूड़ियां और मेहंदी लगाती हैं।

 

 

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