ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की बरसी पर अपनी जीता का झूठा जश्न मनाने वाले पाकिस्तान ने सिंधु नदी को लेकर एक बार फिर से भारत को गीदड़भभकी (Pakistan Threat India) दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने कहा कि सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) के तहत पाकिस्तान के हिस्से वाले पानी के बहाव को रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी।
नई दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की बरसी पर अपनी जीता का झूठा जश्न मनाने वाले पाकिस्तान ने सिंधु नदी को लेकर एक बार फिर से भारत को गीदड़भभकी (Pakistan Threat India) दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने कहा कि सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) के तहत पाकिस्तान के हिस्से वाले पानी के बहाव को रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ किसी कार्रवाई का पूरी ताकत से जवाब देगा।
दरअसल ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में अपनी जीत का झूठा ढिढोरा पीटने के लिए पाकिस्तान की शहबाज सरकार (Shehbaz Government) पूरे पाकिस्तान में ‘मरका-ए-हक’ (Marka-e-Haq) यानि सच्चाई की जीत नाम से कार्यक्रम चला रही है। इसी कार्यक्रम के तहत विदेश मंत्री इशाक डार (Foreign Minister Ishaq Dar) समेत कई नेताओं और मंत्रियों ने मंगलवार को अलग-अलग कार्यक्रम किए। पाकिस्तानी जनता का भरोसा जीतने के लिए पाकिस्तानी नेताओं ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में जीता का एक बार फिर से झूठा ढिढोरा पीटा।
Pakistan threatens India that it will respond with full might if water flow is stopped
"Any attempt to stop or divert the flow of water belonging to Pakistan under the Indus Waters Treaty will be considered as an ACT OF WAR. Any misadventure against Pakistan will be met with… pic.twitter.com/tnr5iHoM72
— OsintTV 📺 (@OsintTV) May 6, 2026
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इशाक डार ने कहा कि भारत की अकारण आक्रामकता पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय शांति को नफरत और विभाजन की राजनीति का बंधक नहीं बनाया जा सकता।
इशाक डार ने कहा कि पिछले साल की घटनाओं ने इस क्षेत्र को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया था।भारत की कार्रवाई एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई थी, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाना और भड़काऊ बयानबाजी करना शामिल थाय़ उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या उसका रास्ता बदलने का कोई भी प्रयास युद्ध का कृत्य माना जाएगा। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली संधि के तहत अपने दायित्वों का पालन नहीं कर रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दुनिया में शांति को बढ़ावा देने में लगातार रचनात्मक भूमिका निभाई है और वह संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले देशों में से एक है।
ख्वाजा आसिफ ने भी भारत को दी गीदड़भभकी
ख्वाजा आसिफ ने भी भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी गलतफहमी पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया “और भी ज्यादा जोरदार और निर्णायक” होगी। उन्होंने टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि ‘मरका-ए-हक’ न सिर्फ “पाकिस्तान के लिए एक यादगार घटना थी बल्कि एक ऐसी लकीर थी जिसे हमने हमेशा के लिए खींच दिया है। आसिफ ने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि इस लकीर के दूसरी तरफ मौजूद किसी भी व्यक्ति को यह समझ लेना चाहिए कि 2025 की घटना के दौरान पाकिस्तान ने संयम बरता था और भविष्य में किसी भी “गलत आकलन या गलतफहमी” की स्थिति में उसका जवाब और भी ज्यादा जोरदार और निर्णायक होगा।