1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. Unique Wedding Return Gift :  विवाह का अनोखा रिटर्न गिफ्ट , दूल्हे ने दिया सामूहिक दुर्घटना बीमा कवर’ उपहार

Unique Wedding Return Gift :  विवाह का अनोखा रिटर्न गिफ्ट , दूल्हे ने दिया सामूहिक दुर्घटना बीमा कवर’ उपहार

समाज के लिए सोचना और कुछ करके समाज में उदाहरण बनना बिरले लोग ही कर पाते। ऐसे ही एक शादी उस समय सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल बन गई है जब दूल्हे ने समाज को जीवंत बनाने की मिशाल पेश कद दी।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Unique Wedding Return Gift :  समाज के लिए सोचना और कुछ करके समाज में उदाहरण बनना बिरले लोग ही कर पाते। ऐसे ही एक शादी उस समय सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल बन गई है जब दूल्हे ने समाज को जीवंत बनाने की मिशाल पेश कद दी। दूल्हे ने हर एक व्यक्ति को सुरक्षा का सबसे बड़ा तोहफा दिया है। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की ये शादी अब समाज में अनोखी शादी और यादगार शादी के रूप में मिशाल बन गई।

पढ़ें :- TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर फेंके गए अंडे, बोलीं- BJP कार्यकर्ताओं ने किया हमला, SC के जज पर भी कसा तंज

यह अनूठा मामला कंधार तहसील के बहादरपुरा गांव का है। यहां रहने वाले दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर की शादी बीते 20 मई को बड़े ही धूमधाम से आयोजित की गई थी। पारंपरिक रस्मों, शानदार बैंड-बाजे और भव्य लाइटिंग के बीच शादी का जश्न तो लाजवाब था। पेठकर और उनके परिवार ने शादी के शुभ अवसर पर गांव के सभी 3,465 ग्रामीणों को एक-एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर उपहार में दिया है। इस अनूठी पहल के तहत कुल 33.6 करोड़ रुपये का समूह दुर्घटना बीमा कराया गया है। प्रीमियम पेठकर परिवार ने खुद अपनी जेब से भरा है, जिसका सीधा फायदा ग्रामीणों को पूरे एक साल तक मिलता रहेगा।

दूल्हे के परिवार का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर सांप काटने, आकाशीय बिजली गिरने या खेती-किसानी के दौरान मशीनरी से होने वाले हादसों का खतरा बना रहता है। कई बार इन दुर्घटनाओं के कारण गरीब परिवारों पर आर्थिक संकट का पहाड़ टूट पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को एक सुरक्षा कवच देने का फैसला किया गया।

पेठकर परिवार ने ग्राम पंचायत के नाम पर समूह दुर्घटना बीमा पॉलिसी खरीदी। इसके लिए गांव की मतदाता सूची बीमा कंपनी को सौंपी गई, ताकि बिना किसी भेदभाव और कागजी अड़चनों के हर पात्र ग्रामीण को बीमा सुरक्षा मिल सके। यह पॉलिसी एक साल तक वैध रहेगी।

पढ़ें :- 13 साल बाद झीरम घाटी नक्सली हमले का फैसला, 10 दोषियों को मौत की सजा; 2013 में कांग्रेस काफिले के 29 लोगों की गई थी जान
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...