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चुनाव आयोग हेट स्पीच, शिकायतों पर संज्ञान लेने के बजाए खुद उस कीचड़ में लोट गया और लोकतंत्र को बना दिया दागदार : पवन खेड़ा

AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा (Pawan khera) ने कहा कि हमारा देश एक भयानक दौर से गुजर रहा है, जहां लोकतंत्र को हाइजैक करने की कोशिश की जा रही है। हमारे नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक विशेष प्रेस वार्ता की थी, जिसमें उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में की जा रही 'वोट चोरी' के बारे में बताया था। इनमें हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक का उदाहरण दिया गया था।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा (Pawan khera) ने कहा कि हमारा देश एक भयानक दौर से गुजर रहा है, जहां लोकतंत्र को हाइजैक करने की कोशिश की जा रही है। हमारे नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक विशेष प्रेस वार्ता की थी, जिसमें उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में की जा रही ‘वोट चोरी’ के बारे में बताया था। इनमें हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक का उदाहरण दिया गया था। वोट चोरी, SIR और परिसीमन को हथियार बनाकर लोकतंत्र को कब्जे में लिया जा रहा है। ये तीन तरफ़ा हमला है।

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पवन खेड़ा (Pawan khera) ने कहा कि जब 2024 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को झटका लगा, तब चुनावी सिस्टम को ध्वस्त करने की साजिश रची गई। हम पर कई बार सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन उसका जवाब यह है कि इन्होंने जहां-जहां कीचड़ फैलाया है, वहां कमल उग गया। ये नरेंद्र मोदी और BJP का पैटर्न है- अगर देश ने इसपर ध्यान नहीं दिया तो ये कीचड़ हर तरफ फैलेगा।

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उन्होंने कहा कि  देश में ‘वोट चोरी’ (Vote Chori) का कीचड़ फैलाया जा रहा है। इस कीचड़ को फैलने से रोकना चुनाव आयोग का काम है। लेकिन चुनाव आयोग हेट स्पीच और शिकायतों पर संज्ञान लेने के बजाए खुद उस कीचड़ में लोट गया और लोकतंत्र को दागदार बना दिया। हम TMC के खिलाफ बंगाल में मजबूती से लड़े, उनके खिलाफ प्रचार किया, लेकिन चुनावी नतीजों के बाद जब धांधली की बात सामने आई तो हमारे नेता राहुल गांधी जी ने नैतिकता के साथ अपना सैद्धांतिक रुख साफ किया। मैं अपने नेता को बधाई देता हूं कि उन्होंने ऐसे दौर में सिद्धांतों की बात की, जब ऐसी राजनीति ख़त्म होने की कगार पर है।

पवन खेड़ा (Pawan khera) ने कहा कि जैसे महाराष्ट्र में टारगेट कर लाखों वोट जोड़े गए थे, वैसे ही पश्चिम बंगाल और असम में टारगेट कर लाखों वोटरों को डिलीट कर दिया गया। हम आपके सामने कई राज्यों का उदाहरण देते आए हैं, जो साबित करता है कि वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया नदारद होती जी रही हैं। लोकतंत्र के चौकीदार ज्ञानेश गुप्ता खुद चोरों को अपने कंधे पर बैठाकर विधानसभा लेकर जा रहे हैं, ये सब आपके सामने हो रहा है। ये लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है, एक धब्बा है।

उन्होंने कहा कि  जब से नतीजे आए हैं, पश्चिम बंगाल में हिंसा का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन उन्हें रोकने के बदले दिल्ली से उन्हें और भड़काया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में विरोधियों के दफ्तर जलाए जा रहे हैं, लोगों को मारा जा रहा है, दुकानें तोड़ी जा रही हैं, डीजे बजाकर अश्लील गाने बजाए जा रहे हैं। BJP पश्चिम बंगाल में जीत की खुशी नहीं मना रही, सरासर गुंडागर्दी कर रही है, लोगों को डरा-धमका रही है। नरेंद्र मोदी को अपने पद के अनुरूप आचरण करना चाहिए और इस हिंसा को रोकना चाहिए।

पवन खेड़ा (Pawan khera) ने कहा कि BJP कहती है कि उसे मुस्लिम वोटरों की जरूरत नहीं है। BJP ने मुस्लिम वोटरों को ठुकराया और मुस्लिम वोटरों ने BJP को ठुकरा दिया। ऐसे में जब मुसलमानों ने एक सेक्युलर पार्टी को वोट दिया तो BJP को उसमें भी शिकायत होने लगी। मतलब BJP अब वोट को भी रंगों में रंगने की कोशिश कर रही है। सवाल है- क्या बाबा साहेब का संविधान ऐसी सोच की इजाजत देता है? जहां कांग्रेस पार्टी हमेशा से सभी लोगों को प्रतिनिधित्व देती आई है, वहीं BJP टार्गेटेड तौर पर एक समुदाय के खिलाफ जहर उगलती रही है। सच ये है कि BJP देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, महिलाओं समेत हर वर्ग को कमजोर करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि  पश्चिम बंगाल में जिन मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित रखा गया, उन सीटों पर जीत का मार्जिन SIR डिलीशन की संख्या से कम है। यानी सबकुछ सामने है- दूध का दूध और पानी का पानी। ऐसे में हमें लगता है कि उन सीटों पर दोबारा मतदान होना चाहिए, क्योंकि इनमें से बहुत से लोग अभी भी वोट के अधिकार का इंतजार कर रहे हैं। हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वो संविधान को ध्यान में रखते हुए न्याय करेंगे।

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