Shani Amavasya 2025 : न्याय के देवता शनिदेव की कृपा होने से व्यक्ति रंक से राजा बन जाता है। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार,शनिदेव की चाल बहुत धीरे है। इसी प्रकार से जब शनि की साढ़ेसाती और ढय्या का प्रभाव किसी राशि पर होता है तो उस राशि के लोगों के जीवन में अचानक परेशानियां बढ़ जाती हैं। महत्वपूर्ण ज्योतिषीय उपायों में बताया गया है कि शनिदेव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए लिए अमावस्या के दिन कुछ महत्वपूर्ण उपाय करने से किस्मत का अंधेरा छंट जाता है जीवन में खुशियों का प्रकाश चमकने लगता है। आइये जानते है।
पढ़ें :- Devshayani Ekadashi 2026 : देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा काल में प्रवेश करते हैं , जानें चातुर्मास की शुरुआत की तिथि
23 अगस्त 2025 को भाद्रपद मास की अमावस्या और शनिवार का संयोग होने से शनिश्चरी अमावस्या कहलाएगी। इस दिन कुछ महत्वपूर्ण उपाय करने से शनि देव की अपार कृपा बरसती है।
इस दिन इस दिन अगर कोई व्यक्ति 5 स्थानों पर दीपक जलाएं तो उसकी समस्या कम हो सकती है।
शनिश्चरी अमावस्या पर कहां लगाएं दीपक?
1. शनिश्चरी अमावस्या पर पहला दीपक हनुमानजी के मंदिर में लगाएं। इसमें शुद्ध घी का उपयोग करें। हनुमानजी की कृपा से आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है।
2. दूसरा दीपक अपने आस-पास स्थिति शनि मंदिर में लगाएं। इससे शनिदेव आपसे प्रसन्न रहेंगे। इस दीपक में सरसों का तेल डालें।
3. शनिश्चरी अमावस्या पर तीसरा दीपक पीपल के पेड़ के नीचे लगाएं। इससे सभी देवताओं का आशीर्वाद आपको मिलेगा।
4. चौथा दीपक शमी के वृक्ष के नीचे लगाएं। शमी का वृक्ष को शनि का ही रूप माना जाता है।
5. शनिश्चरी अमावस्या पर पांचवां दीपक किसी नदी या कुएं के पास लगाएं। ये स्थान पितरों का होता है। इस उपाय से पितरों का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होगा।