UGC Controversy : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री से बात की, जिन्होंने नए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) नियमों और माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में अविमुक्तेश्वरानंद को कथित तौर पर पवित्र स्नान करने से रोके जाने सहित कई मुद्दों पर नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, पीसीएस अग्निहोत्री का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।
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माघ मेले में अनशन पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने फोन पर बातचीत के दौरान पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री से कहा कि जो पद सरकार ने दिया था, उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में हम आपको देने का प्रस्ताव रखते हैं। शंकराचार्य ने सस्पेंड पीसीएस अधिकारी से कहा, “हम लोगों के मन में दो तरह की प्रतिक्रिया हो रही है। एक तो दुख हो रहा है कि कितने लगन और मेहनत के बाद आपने ये पद पाया होगा। आज एक झटके में आपका पद चला गया। दूसरी तरफ, सनातन धर्म के प्रति आपने जिस निष्ठा का परिचय दिया है, उससे पूरा सनातनी समाज आह्लादित है और आपका भूरि भूरि अभिनंदन करता है।”
VIDEO | Prayagraj: Swami Avimukteshwaranand spoke to Bareilly City Magistrate Alankar Agnihotri who resigned from service over various issues, including the new University Grants Commission (UGC) rules and Avimukteshwaranand being allegedly stopped from taking a holy dip at… pic.twitter.com/CcVoVcMUGw
— Press Trust of India (@PTI_News) January 27, 2026
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अलंकार अग्निहोत्री से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि आपके जैसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में और आगे आएं। जो पद सरकार ने आपको दिया था उससे बड़ा पद आपको हम धर्म के क्षेत्र में देने का प्रस्ताव रखते हैं।” बता दें कि 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था। अग्निहोत्री की एक तस्वीर सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आई है, जिसमें वह पोस्टर लेकर खड़े दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर में लिखा था कि हैशटैग यूजीसी रोल बैक…, काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों को यह अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। भाजपा विरोधी नारा भी लिखा था।