वाराणसी। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri, former City Magistrate of Bareilly) ने रविवार की शाम केदारघाट स्थित विद्या मठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand) से मुलाकात की। शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर वह मीडिया से रूबरू हुए। अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने कहा कि यह मुलाकात राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं है बल्कि एक शुभ संयोग है। शंकराचार्य से मुलाकात कर सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
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इससे पूर्व प्रयागराज में शंकराचार्य ने आमंत्रित किया था, लेकिन समयाभाव के चलते पहुंच नहीं सके। शंकराचार्य के काशी आगमन पर मुलाकात का अवसर मिला। अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने कहा कि काशी से व्यक्तिगत जुड़ाव है क्योंकि आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) से शिक्षा प्राप्त की है, इसलिए यहां आना भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
एससी एसटी एक्ट देश का सबसे बड़ा काला कानून, सात को घेरेंगे दिल्ली
अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेष रूप से एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) और प्रस्तावित यूजीसी रेगुलेशन (UGC Regulations) को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कहा कि 1989 में लागू एससी-एसटी एक्ट देश का सबसे बड़ा काला कानून है। इस कानून के तहत दर्ज लगभग 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं, जिनके कारण समाज के बड़े वर्ग को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
‘केंद्र सरकार को ‘चार्टर्ड प्लेन में बिठाकर गुजरात वापस भेज दिया जाएगा’
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अग्निहोत्री ने कहा कि हालांकि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए दिशानिर्देशों पर रोक लगा दी गई है, लेकिन बड़ा मुद्दा SC/ST एक्ट को खत्म करना है, और कहा कि अगर इसे 6 फरवरी तक वापस नहीं लिया गया, तो केंद्र सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी आखिरी तारीख है। अगर तब तक SC/ST एक्ट खत्म नहीं किया गया, तो केंद्र सरकार को ‘चार्टर्ड प्लेन में बिठाकर गुजरात वापस भेज दिया जाएगा।
‘लड़ाई असल में कभी राज्य सरकार से नहीं थी’
जब उनसे पूछा गया कि वह अब केंद्र सरकार को क्यों निशाना बना रहे हैं, जबकि शुरुआती झगड़ा राज्य सरकार से था, तो उन्होंने साफ किया कि लड़ाई असल में कभी राज्य सरकार से नहीं थी, बल्कि मुख्य रूप से केंद्र सरकार से थी।
‘राज्य प्रशासन बहुत ज्यादा दबाव में काम कर रहा है’
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश में उसके साथ भेदभाव कर रहे हैं। दावा किया कि राज्य प्रशासन बहुत ज्यादा दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पक्का करने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं कि राज्य का सारा फंड गुजरात भेज दिया जाए।
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इस्तीफा देने के बाद से सुर्खियों में हैं अलंकार
प्रयागराज में माघ मेले में शंकराचार्य के पवित्र स्नान को लेकर हुए विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा देने के बाद से वह सुर्खियों में हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि “जब मैंने सनातन संस्कृति के प्रतीकों का अपमान होते देखा, तो मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सका और मैंने इस्तीफा दे दिया।
29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा UGC के नए रेगुलेशन, 2026 पर रोक लगाने के बाद बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने शिक्षा में जाति-आधारित भेदभाव से संबंधित प्रावधानों के संस्थागत दुरुपयोग की बात कही, और चेतावनी दी कि ऐसी प्रथाओं के गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं, जिससे देश में आंतरिक अशांति भी फैल सकती है। अग्निहोत्री ने कहा कि जाति-आधारित भेदभाव को कभी भी संस्थागत हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसे उचित शब्दावली और बातचीत तक ही सीमित रहना चाहिए।