वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले (Varanasi District) में पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) ने बकरीद (Bakrid) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बकरीद के संदर्भ में दावा किया कि कुछ मुस्लिम, हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए गाय की बलि देते हैं। इस परंपरा का गंभीर परिणाम होगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) ने बकरीद (Bakrid) से पहले कुर्बानी (Sacrifice) पर सवाल उठाए हैं।
पढ़ें :- अपनी ही सरकार के खिलाफ संजय निषाद का धरना, गोंडा में कारोबारी की हत्या के बाद बड़ा एक्शन
गौ माता की बलि देना ठीक नहीं
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) ने कहा कि कुछ मुसलमानों द्वारा हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए गौ माता की बलि दी जाती है। अपने मजहब की परंपरा निभाने के लिए गायों की बलि देना ठीक नहीं है। पुलिस प्रशासन से इस संदर्भ में शंकराचार्य ने अपील करते हुए कहा कि किसी भी जगह पर गौ माता (Gau Mata) की बलि नहीं दी जानी चाहिए।
शंकराचार्य (Shankaracharya) ने आगे कहा कि अगर कुर्बानी सार्वजनिक तौर पर होती है, तो भाईचारे की परंपरा को ठेस पहुंचेगा। ऐसी परंपरा का परिणाम भी गंभीर होगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी प्राचीन शहर है। जहां, अनेक पवित्र नदियों का प्रवाह होता है। यदि त्यौहार के नाम पर पशुओं की कुर्बानी दी जाएगी, तो उनका रक्त नदियों में बहेगा और सीधे-सीधे धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाएगा।