नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (Foreign Correspondents’ Club) में बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने कहा कि आज हमारी सरकार को हिंसक रूप से हटाने के लिए 2 साल हो गए हैं। बीते 2 साल हमारे देश के लिए संकट भरे रहे हैं। एक विशेष विचारधारा के लोगों की यातना बढ़ी है। आज पूरे बांग्लादेश में लाखों बांग्लादेशी महंगाई से पीड़ित हैं। युवाओं के लिए मौके कम हो रहे हैं। धार्मिक अल्पसंख्यकों और दूसरे समूहों के लिए पब्लिक स्पेस कम हुआ है। हम चाहते हैं कि बांग्लादेश इससे बाहर निकले, इसी उम्मीद में हमारी नेता वापस लौटना चाह रही हैं। हमारी नेता बदला नहीं चाहती हैं। हम पुराने जख्मों को भरना चाहते हैं। हम इंसाफ चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश की सरकारी एजेंसियों से हम कहना चाहेंगे कि वे प्रोफेशनल और तटस्थ तरीके से अपना काम करें। हम बांग्लादेश में अपने सभी दोस्तों और विदेश के स्टेकहोल्डर से कहना चाहेंगे कि वे शेख हसीना की वापसी में मदद करें। मोहिबुल हसन चौधरी ने कहा कि शेख हसीना की वापसी को “लड़ने के बजाय घाव भरने के मौके” के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अवामी लीग “बदला नहीं, बल्कि न्याय” चाहती है।
बांग्लादेश में पुलिस की हिरासत में आवामी लीग के कार्यकर्ताओं की हत्या जारी है : साजिब वाजेद
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Former Bangladesh PM Sheikh Hasina) के बेटे साजिब वाजेद ने कहा बांग्लादेश में पुलिस की हिरासत में आवामी लीग के कार्यकर्ताओं की हत्या जारी है। यूनुस सरकार और मौजूदा सरकार में आवामी लीग के कार्यकर्ताओं की हत्या जारी है और सरकार इस किलिंग को प्रोटेक्ट कर रही है। बांग्लादेश में राजनीतिक किलिंग वैध हो गया है, पहले यूनुस और अब मौजूदा सरकार में। बांग्लादेश में यूनुस सरकार के अध्यादेश/कानून के जरिय हत्यारों को प्रोटेक्ट किया गया है। बांग्लादेश आज एक असफल राष्ट्र है, कोई मानवाधिकार नहीं बचा है। बांग्लादेश एक दूसरा पाकिस्तान भारत के पूर्व में बन चुका है। ISIS और अलकायदा के ऑपरेटिव को छोड़ा गया है। बांग्लादेश से अगला आतंकवाद आने वाला है।
साजिब वाजेद ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से सत्ता से हटने के बाद हुई हिंसा की बारीकी से जांच करने का आग्रह किया
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उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा बताई गई मौतों की संख्या और सरकारी आंकड़ों के बीच अंतर पर सवाल उठाए, आरोप लगाया कि एक ‘इंडेम्निटी’ उपाय के तहत प्रदर्शनकारियों को छूट दी गई और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से सत्ता से हटने के बाद हुई हिंसा की बारीकी से जांच करने का आग्रह किया। शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश “एक और पाकिस्तान” बन गया है और कहा कि यह घटनाक्रम भारत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।