Side effects of drinking water kept in a copper bottle: आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में पानी पीना काफी फायदेमंद माना गया है। शरीर को बेहतर तरीके से फंक्शन करने के लिए कॉपर मिनरल की जरूरत होती है, जिसकी मात्रा आमतौर पर फूड्स से पूरी हो जाती है। इसके साथ ही कॉपर के बर्तन में पानी स्टोर करके पीने से भी इसकी आपूर्ति होती है।
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लेकिन ज्यादा मात्रा में कॉपर सेहत को बिगाड़ने का भी काम करता है। तांबे के बर्तन में रखा पानी बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। लेकिन इसका सेवन गर्मी के दिनों में ज्यादा नहीं करना चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार गर्मी के मौसम में तांबे के बर्तन में स्टोर किया हुए पानी की तासीर गर्म हो जाती है, जो शरीर में वात दोष को बढ़ाता है। ऐसे में इसके नियमित सेवन से स्किन से संबंधित दिक्कतें और एसिडिटी हो सकती है।
अधिकतर लोग तांबे की बोतल का इस्तेमाल करते है जिससे सीधे पानी निकाल कर पी लेते हैं, ऐसा करने से शरीर को कोई फायदा नहीं मिलता है। सही तरीका यह है कि पहले पानी को कॉपर के बर्तन में पांच से छह घंटे के लिए पानी को ढक कर रखा जाए फिर पीना चाहिए। इससे पानी में मौजूद छोटे-छोटे बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।
तांबे की बोतल या बर्तन में रखा पानी अधिक मात्रा में पीने से पाचन बिगाड़ सकता है। हर दिन एक से दो गिलास तांबे के बर्तन या बोतल में रखा पानी पीना सुबह के समय सेहत के लिए काफी माना जाता है। अगर आपको गैस, एसिडिटी की दिक्कत रहती हैं, तो इससे परहेज करें।
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साथ ही खून से जुड़ी बीमारियों में भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। यदि आप रोज तांबे के बर्तन को साफ नहीं करते हैं, तो इसमें स्टोर किया हुआ पानी आपको बीमार बना सकता है। इसे नियमित रूप से साफ करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यह जल्दी ऑक्सीकृत होते हैं, जिससे बर्तन में टॉक्सिन बढ़ जाता है, और शरीर में पहुंच कर रोग का कारण बनता है।