लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि, 12 बजे सोकर उठने वाले बबुआ गरीबों के बारे में सोचे उन्हें इसकी कहां फुर्सत थी। अगर जिस प्रदेश का मुखिया 12 बजे सोकर उठेगा तो उसके लिए कोई सूर्योदय की बात करेगा तो वो उसे सपना मानेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया है।
पढ़ें :- UP IPS Transfer : योगी सरकार ने 9 अफसरों का किया तबादला,मेरठ के SSP अविनाश पांडेय समेत कई जिलों के कप्तान बदले, देखें पूरी लिस्ट
अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि, कुछ लोग नींद से तो उठ जाते हैं लेकिन होश में नहीं आते। आंखें दिनभर बंद रहती है, जाग कर भी मदहोश रहते हैं। इस दौरान उन्होंने सतुआ बाबा को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि, सतुआ बाब और बथुआ बाबा लेकिन मौसम तो बथुआ का है। इसलिए हम लोगों को बहुत ही सावधान होकर रहना है।
"कुछ लोग नींद से तो उठ जाते हैं लेकिन होश में नहीं आते। आँखें दिनभर बंद रहती है, जाग कर भी मदहोश रहते हैं।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/8yuw1v53Te
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) January 26, 2026
पढ़ें :- यूपी संस्कृत बोर्ड का टॉपर रजनीश यादव फर्जीवाड़े में फंसा, अंकतालिका निरस्त, योगी से मिला 1 लाख का इनाम भी होगा वापस
उन्होंने कहा कि जो लोग विज्ञापन देकर धोखा दे रहे हैं। सोचिए देश कहां पहुंच गया और हमें कहा रहना चाहिए था। इसलिए संविधान के तहत देश चले और संविधान के तहत फैसले हों। आज तो इस सरकार ने शंकराचार्य के सामने भी संकट पैदा कर दिया। वहीं इससे पहले भी अखिलेश यादव ने अपने एक्स पर एक पोस्ट किया था।
जिसमें सपा अध्यक्ष ने लिखा था कि, मुख्यमंत्री जी मंच पर अपने झूठ का प्रपंच न फैलाएं और शिक्षा में सुधार का असत्य राग न अलापें, किसी ने याद दिला दिया कि आपके शासनकाल में शिक्षक से लेकर शिक्षा मित्र तक आंदोलित रहे हैं और आप ही हैं जो स्कूल बंद कर रहे थे, तो आप बगलें झाँकने लगेंगे। शुक्र मनाइए उस ‘पीडीए पाठशाला’ आंदोलन का जिसके दबाव में आप पीछे हटने को बाध्य हुए और शिक्षा पटरी पर आई। शिक्षा भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं, क्योंकि शिक्षित सवाल करता है और रूढ़िवादियों को उखाड़ फेंकता है।