लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। साथ ही समाजवादी पार्टी के दलित प्रेम पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि, भाजपा ने सपाई गुंडों को छठी का दूध याद दिलाकर उसके मंसूबों को विफल कर बहन जी की लाज और जीवन दोनों को बचाया था।
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केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, आधा सच बताने की बीमारी से ग्रस्त हैं सपा बहादुर अखिलेश यादव। सच यह है कि 1991 के लोकसभा चुनाव में नेताजी ने अगर इटावा में मान्यवर कांशीराम की मदद की तो मान्यवर कांशीराम ने भी जसवंतनगर से बसपा का उम्मीदवार न देकर नेताजी की जिताने में मदद की थी।
आधा सच बताने की बीमारी से ग्रस्त हैं सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव। सच यह है कि 1991 के लोकसभा चुनाव में नेताजी ने अगर इटावा में मान्यवर कांशीराम की मदद की तो मान्यवर कांशीराम ने भी जसवंतनगर से बसपा का उम्मीदवार न देकर नेताजी की जिताने में मदद की थी। लेकिन इससे बड़ा सपा का काला सच…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) April 13, 2025
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उन्होंने आगे कहा कि, लेकिन इससे बड़ा सपा का काला सच यह है कि 2 जून, 1995 को सपा के गुंडों ने लखनऊ के स्टेट गेस्टहाउस में दलितों की सबसे बड़ी नेता बहन मायावती जी की आबरू लूटने और उनकी हत्या की कोशिश की थी। लेकिन दलितों के सम्मान में सदा समर्पित भाजपा ने सपाई गुंडों को छठी का दूध याद दिलाकर उसके मंसूबों को विफल कर बहन जी की लाज और जीवन दोनों को बचाया था। ऐसे ही अपने पालतू गुंडों की फौज पर अखिलेश जी आज भी इतराते हैं। सपा पिछड़ों दलितों वंचितों की असल दुश्मन है।