प्रयागराज। महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर उमड़े श्रद्धालुओं के जनसैलाब की वजह से भगदड़ की मच गई। इस घटना में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है। वहीं पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हादसे पर दुख जताया है।
पढ़ें :- राहुल गांधी का बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जो उनकी अराजकतावादी और विभाजनकारी मानसिकता को करता है उजागर: नितिन नवीन
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।
प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 29, 2025
पढ़ें :- कांग्रेस के 'युवराज' को अपने आपत्तिजनक, असंसदीय और कुंठाजनित वक्तव्य के लिए समूचे देश से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए: सीएम योगी
इससे पहले पीएम मोदी ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से फोन पर चार बार बात की थी। उन्होंने सीएम से घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सीएम योगी से फोन कर केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।
इससे पहले सीएम योगी ने भगदड़ को लेकर श्रद्धालुओं से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जो श्रद्धालु गंगा मैया के जिस घाट के पास हैं, वहीं स्नान करें। संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। उन्होंने सभी से मेला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा था कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
बताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ के अमृत स्नान के लिए रात करीब एक बजे जा रहे श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई। इसमें कई तीर्थयात्री घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस के जवानों ने हालात पर काबू पाया। इस घटना के बाद अखाड़ों ने अपना अमृत स्नान रद्द कर दिया और सामान्य तरीके से स्नान किया।