नई दिल्ली। देहरादून की सीबीआई कोर्ट (CBI Court) से बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के करीबी सहयोगी और पतंजलि योगपीठ (Patanjali Yogpeeth) के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण (General Secretary Acharya Balkrishna) को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कल उन्हें फर्जी शैक्षणिक और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के 15 साल पुराने मामले से बरी कर दिया। फैसले पर योग गुरु स्वामी रामदेव (Swami Ramdev) ने कहा कि बालकृष्ण को कोर्ट ने निर्दोष साबित किया है जिस पर हमें खुशी है, साथ ही उन्होंने दावा करते हुए कहा कि स्वामी रामदेव (Swami Ramdev), बालकृष्ण और पतंजलि के खिलाफ गहरी साजिश रची गई, लेकिन कोर्ट के फैसले से इसका पर्दाफाश हो गया।
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बालकृष्ण को 15 साल किया गया प्रताड़ित
साथ ही उन्होंने कहा कि 15 सालों तक आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनका अपयश किया गया, अपकीर्ति की गई। 15 सालों की प्रताड़ना झेलने के बाद हमें कोर्ट ने न्याय दिया है जिसका हम स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी साजिश रची जा रही थी कि बालकृष्ण को 15 सालों तक जेल में रखा जाए, फिर कैद में ही सड़ाया जाए, और इसके बाद जेल में उनकी हत्या कर दी जाए। साथ स्वामी रामदेव के खिलाफ झूठे और फर्जी आरोप लगाए जाएं और उन्हें भी जेल में सड़ाया जाए और पतंजलि को खत्म कर दिया जाए।
कोर्ट के फैसले पर बालकृष्ण ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास था। हालांकि, उन्होंने कहा कि लंबी न्यायिक प्रक्रिया बहुत थकाने वाली थी और इस दौरान उन्हें अपमान, अपयश और लोगों की नकरात्मक उर्जा का सामना भी करना पड़ा। हालांकि इस बात की खुशी भी है कि अंतत: न्याय मिला।
पतंजलि को खत्म करने की रची गई साजिश
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स्वामी रामदेव (Swami Ramdev) ने आरोप लगाया, इस तरह से रामदेव, बालकृष्ण और पतंजलि (Patanjali) के खिलाफ एक गहरी साजिश रची गई थी और जिसका अंत देहरादून की सीबीआई कोर्ट ने अपने इस फैसले से कर दिया। बालकृष्ण के निर्दोष साबित होने से यह साफ हो गया है कि आखिरकार जीत सत्य की हुई, सनातन की जीत हुई। सत्य की जीत में इतने साल लग जाएंगे, यह हम लोगों को नहीं मालूम था।
उन्होंने कहा कि आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने 15 सालों तक मानसिक प्रताड़ना का अपमान सहा, यह उनके मनोबल का फल था कि उन्हें और हम सबको न्याय मिला। उन्होंने आचार्य के मनोबल की तारीफ करते हुए कहा कि आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने आयुर्वेद और सनातन के लिए अपना जीवन लगा दिया। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अभियोजन पक्ष बालकृष्ण पर लगाए गए आरोप साबित नहीं कर पाया और उन्हें निर्दोष करार दिया।
इससे पहले स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CBI) की कोर्ट ने कल बालकृष्ण के साथ ही उनके साथ सह आरोपी नरेश चंद्र द्विवेदी को भी बरी कर दिया, जिन पर उन्हें फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आरोप था। बालकृष्ण के नेपाली नागरिक होने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट लेने के संबंध में की गई शिकायत के आधार पर 2011 में सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि, लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने इन आरोपियों को बरी कर दिया।