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19 फरवरी को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि उत्पाद-बाजार अनुकूलता तो दिखने लगी थी, लेकिन इसे स्थायी रूप से बड़े पैमाने पर लागू करना संभव नहीं था। ईमेल में आगे कहा गया, “उत्पाद-बाजार अनुकूलता उभर रही थी, लेकिन व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के कारण इसे बड़े पैमाने पर लागू करना चुनौतीपूर्ण था। हम अपनी सारी ऊर्जा ऐसे नवाचारों पर केंद्रित करना चाहते हैं जो दीर्घकालिक रूप से मजबूत क्षमता प्रदान करें। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह निर्णय लिया है।”
स्नैक को शुरू में बेंगलुरु के कुछ हिस्सों में लॉन्च किया गया और बाद में गुरुग्राम और नोएडा तक इसका विस्तार किया गया। हालांकि, यह सेवा कुछ ही बाजारों तक सीमित रही और इसका व्यापक राष्ट्रीय विस्तार नहीं हो सका।
फूड डिलीवरी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। मोबिलिटी प्लेटफॉर्म Rapido भी इस बाजार में उतरने की योजना बना रहा है। फूड डिलीवरी सेक्टर (Food Delivery Sector) में हलचल बढ़ गई है, और मोबाइल प्लेटफॉर्म रैपिडो भी इस सेगमेंट में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, स्विगी को लगातार तीन तिमाहियों में घाटा हुआ है, जिसके चलते कंपनी को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (Qualified Institutional Placement) के जरिए नई पूंजी जुटाने की जरूरत पड़ी है। अपनी रणनीति को मजबूत करते हुए, बेंगलुरु स्थित यह कंपनी स्नैक समेत घाटे में चल रहे अपने कारोबार को समेट रही है।