बीरभूम : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां एक होटल में अचानक आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौत की खबर है जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। आग लगने के बाद होटल के अंदर तेजी से धुआं भर गया। हालात इतने बिगड़ गए कि वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिल पा रहा था।
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सीढ़ियों के सहारे 22 लोगों को निकाला
बीरभूम के SP विदित राज भुंडेश ने बताया कि होटल के बाहर से आग या धुआं साफ नजर नहीं आ रहा था। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने सीढ़ियों की मदद से 22 लोगों को होटल से बाहर निकाला। इनमें से 11 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने होटल संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। आग के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए FSL की टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।
महिला के साथ मां और दो बच्चे थे
हादसे के बाद एक महिला ने बताया कि वह रविवार दोपहर साउथ 24 परगना से तारापीठ में पूजा करने आई थी। उसके साथ उसकी मां और बच्चे भी थे। महिला के मुताबिक उसकी मां होटल के कमरे नंबर एक में ठहरी हुई थी लेकिन हादसे के बाद से उसकी मां और दो बच्चे लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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तारापीठ में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
जिस जगह यह हादसा हुआ वह प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर के बेहद करीब है। बीरभूम में स्थित इस मंदिर में देवी तारा की पूजा होती है और देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में मां तारा की प्रतिमा की गोद में भगवान शिव को दर्शाया गया है। दिन में प्रतिमा पर सोने का मुखौटा लगाया जाता है जिसे रात में हटा दिया जाता है। तारापीठ मंदिर के पास ही महाश्मशान भी स्थित है जहां तांत्रिक साधना की पुरानी परंपरा रही है। यह स्थान प्रसिद्ध तांत्रिक साधक और मां तारा के भक्त बामाखेपा से भी जुड़ा हुआ है। उनकी समाधि और स्मृति मंदिर भी तारापीठ में मौजूद है।