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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के ‘गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध’ कार्यक्रम को 26 कड़ी शर्तों के प्रशासन ने दी हरी झंडी, किया उल्लंघन पर स्वतः रद्द हो जाएगी अनुमति

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ । यूपी की राजधानी में लखनऊ जिला प्रशासन ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Jyotirmatha Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) के प्रस्तावित ‘गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध’ (Gau Pratishtha Dharma Yudh) कार्यक्रम को 26 शर्तों के साथ इजाजत दे दी है। प्रशासन ने सोमवार को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान किसी भी धर्म, जाति या भाषा के विरुद्ध भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और बिना अनुमति जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कार्यक्रम में शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी और पुलिस बल का खर्च भी उन्हें ही वहन करना होगा। इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।

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भड़काऊ भाषण और नारों पर पाबंदी

प्रशासन की पहली शर्त यह है कि कोई भी वक्ता धार्मिक या राजनीतिक व्यक्तियों के विरुद्ध अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले नाबालिग बच्चों से किसी भी प्रकार के विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे। सांप्रदायिक या जाति विशेष पर टीका-टिप्पणी करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अगर कार्यक्रम के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो आयोजकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आयोजन स्थल पर पारंपरिक ध्वज दंड के अलावा किसी भी घातक वस्तु का प्रवेश वर्जित होगा।

ध्वनि प्रदूषण और पार्किंग के सख्त नियम

ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 (Noise Pollution Rules, 2000) के मानकों का पालन करना अनिवार्य है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं होगा और ध्वनि स्तर 75 डेसीबल से अधिक नहीं रखा जाएगा।

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वाहनों की पार्किंग सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं की जाएगी, ताकि सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित न हो। आयोजकों को सुरक्षा के लिए पर्याप्त निजी सुरक्षाकर्मी लगाने होंगे और अग्निशमन विभाग के मानकों का पालन करना होगा।

जुलूस पर रोक और आयोजकों की जिम्मेदारी

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार के जुलूस या शोभा यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। ज्ञापन केवल सभा स्थल पर मौजूद सक्षम अधिकारी के माध्यम से ही सौंपा जाएगा। टेंट या पंडाल की ऊंचाई 3 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए और इसमें सिंथेटिक सामग्री का प्रयोग वर्जित है। इसके अलावा, कोविड-19 की गाइडलाइंस (COVID-19 Guidelines) का पालन करना भी जरूरी होगा। यदि इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति को तत्काल प्रभाव से निरस्त माना जाएगा।

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