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जिस AI को हर समस्या का समाधान माना जा रहा, भाजपा राज में उसकी समिट ही समस्या बन गयी: अखिलेश यादव

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। इंडिया एआई एम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। इस समिट में दुनियाभर के लोग शामिल हो रहे हैं। हालांकि, इस समिट को लेकर वहां पर जाम की स्थिति से लोगों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, एआई समिट का इंतजाम भाजपाई की जगह एआई को दे देते तो दुनिया भर में देश की इमेज ख़राब नहीं होती। जिस AI को हर समस्या का समाधान माना जा रहा है, भाजपा राज में उसकी समिट ही समस्या बन गयी।

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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कल भाजपाई मंत्री जी ने देश की राजधानी में आयोजित की जा रही ‘INDIA AI IMPACT SUMMIT 2026’ में बद-इंतज़ामी और कई तरह की अव्यवस्थाओं और चोरी हुए सामानों के लिए माफ़ी मांगी, अब दिल्ली के जाम के लिए मांगेंगे। उन बच्चों और अभिभावकों के बारे में सोचिए जो बोर्ड के एग्ज़ाम के होते हुए भी जाम में फंसे हैं। भाजपा में हर कार्यक्रम बिना योजना के इसलिए होता है क्योंकि योजना इनके विचार का हिस्सा है ही नहीं, इसीलिए भाजपाइयों ने योजना आयोग भी ख़त्म कर दिया है। ये मनमर्ज़ीवाले लोग हैं, इन्हें किसी की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। फोटोजीवी लोगों को सिर्फ़ अपनी साफ़-सुथरी तस्वीर चाहिए, देश की तस्वीर भले धूमिल हो जाए, उन्हें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

उन्होंने आगे कहा, AI Summit में सुरक्षा के नाम पर: ⁠भले ‘परिंदा पर नहीं मार सकता’ जैसा बड़ा दावा किया गया हो लेकिन असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शनी में लगे सामान पर हाथ मार दिया, स्टॉल साफ़ कर दिये। ⁠लोग अपने मोबाइल और पर्स-बैग की चिंता में प्रदर्शनी का आनंद नहीं उठा पाए। ⁠अति विशिष्ट लोगों के आने पर मेन हॉल खाली कराने से डेलीगेट्स से लेकर विजिटर्स तक सबको बेहद समस्याएं हुईं। ⁠एग्जिबिटर्स को ही उनके पेड स्टॉल्स से बाहर कर दिया गया। ⁠एंट्री पाइंटों पर लम्बी कछुआ क़तारें लगीं। ⁠विदेशी डेलीगेट्स को भाषा की समस्या का सामना करना पड़ा।

अखिलेश यादव ने आगे लिखा, ⁠भोजन-पानी मिला कम, बिखरा ज़्यादा। स्वच्छता का नारा पोस्टरों पर ही लिखा रह गया। ⁠जन सुविधाएं ठप्प-सी हो गईं। लगता है कि Service Providers से कमीशन तो तय किया गया परंतु उनकी कोई जवाबदेही तय नहीं की गयी। जो जाम से निकले वो पार्किंग में फंसे।⁠ ⁠होटलों के दाम हज़ारों से लाखों में पहुंच गये। ⁠टैक्सी सेवाओं की अनुपलब्धता व मनमानी देखी गई। ⁠दुनिया भर ने एआई समिट की बदइंतज़ामी की निंदा करी, तभी तो मंत्री जी ने माफ़ी मांगी। एआई समिट का इंतजाम भाजपाई की जगह एआई को दे देते तो दुनिया भर में देश की इमेज ख़राब नहीं होती। जिस AI को हर समस्या का समाधान माना जा रहा है, भाजपा राज में उसकी समिट ही समस्या बन गयी।

 

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