लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हुई 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण पीड़ित ओबीसी और दलित अभ्यार्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है। इसको लेकर पीड़ित अभ्यार्थियों ने भीषण गर्मी में पेट के बल रेंगते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर पहुंचते ही अभ्यर्थियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं, इस दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। वहीं, इसको लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं की तरफ से सरकार पर निशाना साधा गया है।
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''हम दलित-पिछड़े समाज से हैं, हमारी कोई सुनने वाला नहीं है''
– लखनऊ में शिक्षक भर्ती घोटाले से निराश युवा सड़क पर रेंगते हुए अपना हक मांग रहे हैं
दरअसल यूपी की BJP सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का घोटाला किया, जिसने दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं के सपनों को रौंद दिया… pic.twitter.com/XlYL1Qmpt2
— Congress (@INCIndia) May 18, 2026
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कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर विरोध प्रदर्शन की वीडियो को शेयर किया। इसके साथ ही लिखा, ”हम दलित-पिछड़े समाज से हैं, हमारी कोई सुनने वाला नहीं है”… लखनऊ में शिक्षक भर्ती घोटाले से निराश युवा सड़क पर रेंगते हुए अपना हक मांग रहे हैं। दरअसल, यूपी की BJP सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का घोटाला किया, जिसने दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं के सपनों को रौंद दिया है।
ये युवा बीते 4 साल से संघर्ष कर रहे हैं, नौकरी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। यही BJP सरकार का दलित-पिछड़ा विरोधी चेहरा है, जो नहीं चाहती कि दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं को नौकरी मिले, उचित हिस्सेदारी और भागीदारी मिले। लेकिन…कांग्रेस पार्टी इन युवाओं के साथ खड़ी है और उनकी मांग का पूरा समर्थन करती है। BJP सरकार को तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए युवाओं की मांग पूरी करनी चाहिए।