Students preparing for NEET commit suicide : बीते दिनों पेपर लीक होने के कारण इस परीक्षा रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद विपक्ष के नेताओं ने शिक्षा मंत्रालय और एनटीए की खूब आलोचना की है। इस बीच, देश के अलग-अलग राज्यों में NEET की तैयारी कर रहे छात्रों की आत्महत्या की खबरें चिंताजनक हैं। जिसको लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
Students preparing for NEET commit suicide : बीते दिनों पेपर लीक होने के कारण इस परीक्षा रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद विपक्ष के नेताओं ने शिक्षा मंत्रालय और एनटीए की खूब आलोचना की है। इस बीच, देश के अलग-अलग राज्यों में NEET की तैयारी कर रहे छात्रों की आत्महत्या की खबरें चिंताजनक हैं। जिसको लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
दरअसल, राजस्थान के सीकर में NEET की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र प्रदीप मेघवाल ने शनिवार (16 मई) सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यूपी के लखीमपुर खीरी से कल खबर आई थी कि नीट पेपर कैंसिल होने की वजह से 20 साल के ऋतिक मिश्रा ने सुसाइड कर दिया। हालांकि, उनके पिता कहना है कि ऋतिक पर नीट के पेपर को लेकर कोई दबाव नहीं था।
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद गोवा के नेसाई इलाके में रहने वाले 17 साल के छात्र सिद्धार्थ हेगड़े ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इसके अलावा, दिल्ली के आदर्श नगर में रहने वाली 20 वर्षीय अंशिका पांडे, जो पिछले कई सालों से मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उस छात्रा ने NEET (UG) परीक्षा के रद्द होने और पढ़ाई के दबाव के कारण कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
कांग्रेस ने इस सभी छात्रों की आत्महत्या को बीजेपी सरकार के भ्रष्ट सिस्टम में हुआ मर्डर करार दिया है। विपक्षी दल ने एक्स पोस्ट में लिखा, “‘जानलेवा’ BJP सरकार…राजस्थान के सीकर में NEET की तैयारी कर रहे प्रदीप मेघवाल ने अपनी जान दे दी। इसी तरह, दिल्ली में भी अंशिका नाम की छात्रा ने ख़ुदकुशी कर ली। इससे पहले, यूपी के लखीमपुर खीरी में ऋतिक और गोवा में सिद्धार्थ हेगड़े ने आत्महत्या कर ली थी। ये सभी छात्र NEET पेपर लीक होने के बाद, परीक्षा रद्द हो जाने से बेहद तनाव में थे।”

कांग्रेस ने आगे लिखा, “ये आत्महत्याएं नहीं, बल्कि BJP सरकार के भ्रष्ट सिस्टम में हुए मर्डर हैं। आज BJP के संरक्षण में पेपर लीक माफिया बच्चों का भविष्य तबाह कर रहे हैं, उनके सपनों को कुचल रहे हैं। पेपर लीक में पकड़े गए आरोपी कह रहे हैं- ‘बड़े लोगों को बचाया जा रहा है’। ऐसे में सवाल है: मोदी सरकार छोटे प्यादों को पकड़कर किन बड़े वजीरों को बचा रही है? देश जवाब मांग रहा है।”