पीलीभीत। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनजीत सिंह ने एक बयान में बताया की ग्राम पंचायत बमनपुर भागीरथ और टाटरगंज के 800 विस्थापित परिवारों की भूमि का सर्वे उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश पर शुरू हो गया है। तहसील पूरनपुर के लेखपालों ने वहां पहुंचकर विस्थापित परिवारों से बातचीत की और कागजात लिए।
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श्री सिंह ने बताया की उत्तर प्रदेश की सरकार ने विस्थापित परिवारों की भूमिका सर्वे पूर्व में भी करवाया था और उसकी रिपोर्ट शासन ने भेज दी गई थी। हालांकि, वो गलत थी क्योंकि 1960 के लगभग नानक सागर डैम के बदले 144 परिवारों को भूमि उक्त गांव में दी गई थी। वर्ष 1962 में 144 परिवारों में 98 परिवार उक्त भूमि को 800 परिवारों को बेचकर तभी चले गए थे। पिछले 65 वर्षों से 800 परिवार ही उक्त भूमि पर खेती करते चले आ रहे हैं और काबिज हैं।
पूर्व में जो सर्वे हुआ था वह सर्वे इन 800 परिवारों का न होकर 98 परिवारों का ही हुआ था। श्री सिंह ने बताया कि इसको लेकर एक याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंडलायुक्त बरेली मंडल बरेली को आदेश दिए थे कि 42 दिन में 800 परिवारों का सर्वे करवाकर और शासन को रिपोर्ट भेज कर उच्च न्यायालय को अवगत कराये। उच्च न्यायालय के अनुपालन में आए तहसील के कर्मचारी ग्राम बमनपुर भगीरथ में पूर्व प्रधान रणजीत सिंह के यहां गए और विस्थापित परिवारों से बातचीत कर उनके कागजात लिए। भूमि के सर्वे की कार्रवाई शुरू हो गई है। मनजीत सिंह ने बताया कि अब 800 परिवारों के साथ न्याय होगा। उनकी सर्वे रिपोर्ट तहसील द्वारा शासन को भेजी जाएगी।