यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने बगैर किसी का नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने हर घर नल योजना (Har Ghar Nal Scheme) को आगे बढ़ाया है, लेकिन कुछ लोग टोटी चोरी कर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। इसी दौरान सीएम योगी (CM Yogi) ने मजाकिया अंदाज में कहा कि हम देखते हैं कि हमने हर घर नल की योजना (Har Ghar Nal Scheme) को आगे बढ़ाया, पता चला कि कोई टोटी चोरी कर रहा है। कोई अन्य प्रकार से उसको नुकसान कर रहा है। खुला है तो खुला है। इतना बोलते ही मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के मौके पर लखनऊ में पौधरोपण कार्यक्रम की शुरुआत की। ‘एक पेड़ मां के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) वृक्षारोपण महाभियान 2026 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक ऐसी बात कह दी, जिसे सुन वहां मौजूद हर कोई हंस पड़ा। उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने हर घर नल योजना (Har Ghar Nal Scheme) को आगे बढ़ाया है, लेकिन कुछ लोग टोटी चोरी कर ले जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। इसी दौरान सीएम योगी (CM Yogi) ने मजाकिया अंदाज में कहा कि हम देखते हैं कि हमने हर घर नल की योजना (Har Ghar Nal Scheme) को आगे बढ़ाया, पता चला कि कोई टोटी चोरी कर रहा है। कोई अन्य प्रकार से उसको नुकसान कर रहा है। खुला है तो खुला है। इतना बोलते ही मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान आ गई। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग भी ठहाके लगाने लगे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यह 5 संकल्प लें… pic.twitter.com/S7YvZQnLtH
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 5, 2026
सीएम योगी ने विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के अवसर पर प्रदेशवासियों से पांच संकल्प लेने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर नागरिक कम से कम एक पेड़ मां के नाम पर अवश्य लगाए। पेड़ लगाना ही नहीं उसकी सुरक्षा का दायित्व भी लें। कोई शरारती तत्व जो पेड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, अन्य जीव-जन्तुओं से भी बचाना चाहिए। उसकी रक्षा करनी है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा दायित्व बनता है कि हम अगर कोई व्यक्ति चोरी कर रहा है तो उसको टोकें। कोई व्यक्ति टोटी खोल कर जा रहा है, उसको भी रोके। चौथा संकल्प ये होना चाहिए कि सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह से रोके। उससे इससे भी पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। पांचवां संकल्प है कि प्रकृति के अनुकूल जीवन शैली को अपनाना होगा।
‘जनभागीदारी के बिना समस्या का हल संभव नहीं’
अपने संबोधन में सीएम योगी ने पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि पर्यावरण और धरती माता को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों से दूरी बनाए और संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी करें। सीएम योगी ने साफ संदेश दिया कि हमें हमेशा याद रखना चाहिए- पर्यावरण बचा तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बची तो सारी जीव सृष्टि भी सुरक्षित रहेगी। तेजी से बढ़ता प्रदूषण, लगातार घटते जंगल और बिगड़ता पर्यावरणीय संतुलन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इस समस्या का हल जनता की भागीदारी के बिना संभव नहीं है।